अपनी जमीन पर लगाएं सोलर प्लांट, कमाएं 1.70 लाख: सीडीओ

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बेरोजगारों से मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना का लाभ उठाने की अपील
कुमाऊं जनसन्देश डेस्क
रुद्रपुर। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना ने बताया कि ‘‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना‘‘ के अन्र्तगत एक अध्याय के रूप में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना को जोड़ा गया है। मूल रूप से इस योजना का उद्द्ेश्य भी बेरोजगारों, उद्यमियो, कोविड-19 के कारण वापस आये प्रदेश के लोगों को रोजगार प्रदान करना है। उन्होने बताया योजना के अन्र्तगत प्रदेश की 18 वर्ष की आयु से अधिक के स्थायी निवासी पात्र होंगे। इस योजना के अन्र्तगत प्रदेश में दस हजार लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है जिसके अन्र्तगत 25-25 वाट के आॅन ग्रिड सोलर पाॅवर प्लान्ट की स्थापना करवाई जायेगी।

सालाना हो सकेगी 1.70 लाख की आय
सीडीओ खुराना ने बताया कि इस प्लान्ट से प्रतिवर्ष 38000 हजार यूनिट तक उत्पादित किये जा सकेंगे तथा लगभग 1.70 लाख रुपये की कुल वार्षिक आय तक प्राप्त हो सकेगी। सोलर पाॅवर प्लान्ट की स्थापना के लिए 300 वर्गमीटर की भूमि आवश्यक होगी। योजना की कुल लागत 10 लाख रुपये है जिसमें 70 प्रतिशत बैंक लोन तथा 30 प्रतिशत मार्जिन मनी होगी। उन्होंने बताया कि जिला सहकारी बैंक 8 प्रतिशत की दर से ऋण उपलब्ध करायेगा। जनपद के 63 केवीए अथवा इससे अधिक क्षमता के ट्रान्सफार्मर से अधिकतम 100 मीटर की हवाई दूरी की सीमा के अन्र्तगत आने वाली भूमि में ही सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना की जा सकेगी। उन्हांेने बताया योजना की विस्तृत जानकारी एवं आॅनलाइन आवेदन http://www.msy.uk.gov.in के पोर्टल पर उपलब्ध है।

उद्योग विभाग आयोजित करेगा कार्यशाला
उन्हांेने बताया बैठक में महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र को कार्यशाला का आयोजन करने, उरेड़ा को विकास खण्डों में फ्लैक्सी/वाल पेन्टिग/होर्डिग्स के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने, अधिशासी अभियन्ता उपाकालि, रुद्रपुर को अपने मुख्यालय से सम्पर्क कर ट्रांसफार्मर की अक्षांश-देशांस सहित सूची पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिये गये।

एलईडी ग्राम लाईट योजना का भी उठाएं लाभ
सीडीओ खुराना ने बताया कि ‘‘एलईडी ग्राम लाईट योजना‘‘ का उद्देश्य प्रदेश के महिला स्वयं सहायता समूहों एवं आईटीआई पास बेरोजगारों युवक-युवतियों को रोजगार प्रदान करना है। योजना के अन्र्तगत इन्हें एलईडी लाइट,लड़ियां, फैन्सी लाइट आदि बनाने का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा तथा बनाये गये उत्पादों के विक्रय की व्यवस्था भी करवाई जायेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना निदेशक, डीआरडीए, उधमसिंह नगर को चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों एवं आईटीआई पास बेरोजगारों युवक-युवतियों को प्रशिक्षण एवं उत्पाद निर्माण के लिए स्थल उपलब्ध कराने तथा तैयार उत्पादों के बाईबैक के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
उन्हांेने बताया कि जिला सेवायोजन अधिकारी उधमसिंह नगर को आईटीआई पास बेरोजगार युवक-युवतियों की सूची उरेडा को उपलब्ध कराने तथा उप मुख्य परियोजना अधिकारी उरेडा उधमसिंह नगर को प्रशिक्षण के लिए ट्रेनर की व्यवस्था करने के निर्देश दिये गये हैं।

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