समूह की महिलाएं

डीएम की पहल: अब सरकारी दफ्तरों की कैंटीनों में भी मिल रहा कुमाऊंनी स्वाद का जायका

उत्तराखण्ड खानपान ताजा खबर नैनीताल स्थानीय

पहाड़ की संस्कृति और स्वाद के प्रचार-प्रसार में जुटे हैं डीएम सविन बंसल
कुमाऊं जनसन्देश डेस्क
नैनीताल। नैनीताल जिले के सरकारी विभागों की कैंटीनों में अब आसानी से कुमाऊंनी स्वाद का जायका लोगों को मिल रहा है। स्थानीय के अलावा बाहर से आने वाले लोग भी कुमाऊंनी खाने के मुरीद बनते जा रहे हैं। इसके अलावा जिले में पहाड़ की संस्कृति के प्रतीक ऐपण कला को भी काफी प्रचारित किया जा रहा है। यह सब जनपद के जिलाधिकारी आइएएस सविन बंसल की अभिनव सोच के चलते ही संभव हो पा रहा है।

dm savin bansal
dm savin bansal

महिलाएं ही कर रही संचालन
डीएम सविन बंसल की पहल पर ही तहसील हल्द्वानी परिसर, विकास भवन परिसर भीमताल, बीडी पाण्डे चिकित्सालय तथा कलक्टेªट परिसर नैनीताल में हिलांस कैन्टीन खोली हैं। जहां आपको आसानी से कुमाऊंनी खाना मिल जाएगा। इन कैंटीनों के संचालन और खाना बनाने का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं ही संभाल रही हैं। खाना बनाने में निपुण महिलाओं को जहां अपनी पाक कला के जरिए लोगों को अपना मुरीद बनाने का अवसर मिल रहा है तो वहीं उन्हें आर्थिक लाभ भी हो रहा है।

हिलासं किचन
हिलासं किचन

रेस्टोरेंट से कम नहीं हैं हिलांस कैंटीनें
हल्द्वानी। जिले के चार स्थानों पर खोली गई हिलांस कैन्टीनें आधुनिकतम रैस्टोरन्ट को मात दे रही हैं। उनका आकर्षक लुक भी लोगों को लुभा रहा है। तहसील हल्द्वानी में जय मां भवानी बजुनिया हल्दू विकास खण्ड हल्द्वानी, विकास भवन भीमताल में गीतांजलि स्वयं सहायता समूह भूमियाधार विकास खण्ड भीमताल, कलक्टेªट परिसर नैनीताल में पूजा स्वयं सहायता समूह बिदरामपुर कोटाबाग तथा बीडी पाण्डे चिकित्सालय नैनीताल में वन्दना स्वयं सहायता समूह घुग्गु सिगड़ी विकास खण्ड कोटाबाग द्वारा हिलांस कैन्टीनों का संचालन सफलता पूर्वक किया जा रहा है।

हिलासं किचन
हिलासं किचन

आलू के गुटके और पहाड़ी रायता की बात है ही खास
हल्द्वानी। सविन बंसल ने बताया कि कुमाऊं का क्षेत्र विशेषकर नैनीताल जिला पहाड़ी व्यंजन खीरे का रायता, पकौडी, भांग की चटनी, आलू के गुटके के अलावा लजीज भोजन में भट्ट के डुबके, झुगरे की खीर, मडुवे की रोटी, गहत की दाल, भट्ट की चुड़कानी, पहाड़ी झोली व अन्य पहाड़ी व्यंजन राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जनप्रिय हैं। जिले मे दूरदराज से आने वाले पर्यटक इन व्यंजनों को बडे़ चाव के साथ खाते हैं। इन सब को बनाने में महिलायें सिद्वहस्त हैं। बताया कि इन कैन्टीनों के संचालन से जहां महिलाओें की आर्थिक उन्नति हो रही है वहीं उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। इन कैन्टीनों पर आने वाले लोग भोजन व व्यंजनों की तारीफ करते हुये जिलाधिकारी बंसल के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.