हल्द्वानी। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के नवनिर्मित उपनल कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस भवन से पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और उपनल से जुड़े कार्मिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं मंडल का प्रवेश द्वार है और यहां बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन रहते हैं। ऐसे में उपनल का सुविधायुक्त कार्यालय आवश्यक था। उन्होंने कहा कि पूर्व में कार्यालय छोटे से कमरे में संचालित होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए भवन के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान होगा।
अग्निवीरों को विदेश में रोजगार दिलाने की तैयारी
गणेश जोशी ने कहा कि उपनल के माध्यम से प्रदेशभर में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब विदेशों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विदेशों में मैनपावर की मांग को देखते हुए संबंधित पक्षों से बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि आगामी एक माह में विदेश सेवा से जुड़ी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को भी विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है। करीब 50 प्रतिशत अग्निवीरों को उपनल के माध्यम से विदेशों में रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसका लाभ पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों के साथ-साथ प्रदेश के योग्य युवाओं को भी मिल सकेगा।
उपनल कर्मचारियों का बीमा कवर बढ़ाकर 50 लाख
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उपनल में कार्यरत कर्मचारियों के दुर्घटना बीमा कवर को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया गया है। इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ समझौता किया गया है।
उन्होंने बताया कि सीमा पर तैनात सेना और पैरामिलिट्री के जवानों के बलिदान की स्थिति में मिलने वाली सहायता राशि भी 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। शहीदों के परिजनों की इच्छा के अनुरूप उनके नाम पर सड़क, विद्यालय अथवा अन्य संस्थानों का नामकरण करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।
जल्द जनता को समर्पित होगा सैन्य धाम
गणेश जोशी ने कहा कि शहीदों के सम्मान और उनकी स्मृति को संजोने के लिए सैन्य धाम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के आंगन की पवित्र मिट्टी और 28 नदियों का जल सैन्य धाम में लाया गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सैन्य धाम को वीर माताओं, वीर नारियों और प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों को सचिवालय में अपने कार्यों के लिए अलग से पास की आवश्यकता नहीं होगी। उनके लिए पूर्व सैनिक पहचान-पत्र ही पर्याप्त होगा। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों और युवाओं को अधिक से अधिक सुविधाएं तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। हल्द्वानी में नवनिर्मित उपनल कार्यालय भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मंडी अध्यक्ष अनिल डब्बू, दर्जा मंत्री गंभीर धामी, एमडी उपनल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जेएनएस बिष्ट, कर्नल गोविंद सिंह, कर्नल आलोक पांडे, कर्नल रमेश अधिकारी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

