जिसने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी वह पीने के पानी को मोहताज
अल्मोड़ा। जिस उम्र में इंसान को सहारे की जरूरत होती है, उस उम्र में एक 94 साल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अपने गांव के लिए पानी की लड़ाई लड़ रहे हैं। पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने 2027 में विधानसभा चुनाव लड़ने तक का ऐलान कर दिया। कहा, मेरे गांव में पानी पहुंचा दीजिए, मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा लेकिन अगर पानी नहीं आया, तो अपने खर्चे पर चुनाव लड़ूंगा। अल्मोड़ा के ताड़ीखेत विकासखंड का सैनरी गांव, जहां आज भी पेयजल की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। इसी समस्या को लेकर गांव के 94 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद सिंह बिष्ट ने ऐसा ऐलान किया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
देश की आजादी के लिए संघर्ष कर चुके आनंद सिंह बिष्ट आज अपने गांव के लोगों के लिए पानी की लड़ाई लड़ रहे हैं। रविवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मान यात्रा के दौरान उन्होंने कुमाऊंनी भाषा में अपनी पीड़ा सामने रखी। उन्होंने कहा कि गांव में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या है। समस्या के समाधान के लिए वह कई बार सरकार और प्रशासन को पत्र दे चुके हैं। बताया कि ग्राम पंचायत सैनरी की खुली बैठक में 20 अक्टूबर 2022 को उनके गांव तक पानी पहुंचाने का प्रस्ताव भी पारित हुआ था। इसके बाद 5 जुलाई 2023 को उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत को ज्ञापन देकर पेयजल समस्या के समाधान की मांग की। लेकिन समय बीतता गया और गांव की पानी की समस्या जस की तस बनी रही। ऐसे में उनका कहना है कि“चाहे मेरा जो भी खर्च होगा, मैं चुनाव लड़ूंगा। अगर मेरे क्षेत्र में पानी आ जाएगा तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।”
94 वर्षीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के इस ऐलान के बाद सभा में मौजूद लोगों का ध्यान एक बार फिर गांव की पेयजल समस्या की ओर गया। मंच पर मौजूद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने भी मामले को गंभीरता से लिया और पेयजल समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
आनंद सिंह बिष्ट की उम्र भले ही 94 साल हो गई हो, लेकिन अपने गांव के लिए उनका संघर्ष आज भी जारी है। देश की आजादी के लिए लड़ने वाले इस बुजुर्ग स्वतंत्रता सेनानी की आज एक ही मांग है, गांव तक पानी पहुंच जाए। और शायद यही वजह है कि उन्होंने चुनाव लड़ने जैसा बड़ा फैसला भी पानी की समस्या से जोड़ दिया। “अब सवाल सिर्फ एक चुनावी ऐलान का नहीं है, सवाल उस गांव के पानी का है, जिसके लिए 94 साल की उम्र में एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आज भी आवाज उठा रहा है। देखना होगा 2027 में आनंद सिंह बिष्ट चुनावी मैदान में उतरते हैं या उससे पहले उनके गांव तक पानी पहुंच जाता है।

