बैठक लेते डीएम बंसल

आईवीआरआई मुक्तेश्वर में भी होगी कोरोना सैंपलों की जांच

उत्तराखण्ड ताजा खबर देश/विदेश नैनीताल

कुमाऊं जनसन्देश डेस्क
हल्द्वानी। जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर जनपद में अब मुक्तेश्वर स्थित आईवीआरआई संस्थान मंे भी कोरोना कोविड-19 सैम्पलों की जांच होगी। इससे पूर्व जिले में राजकीय मेेडिकल कालेज में कोरोना सैम्पलों की जांच हो रही थी। मण्डल में एक ही जांच सेन्टर होने के कारण राजकीय मेडिकल कालेज के ऊपर काफी दबाव था तथा सैम्पलांे की जांच की गति भी काफी धीमी थी। इस प्रकार जिलाधिकारी की दूरदर्शिता के चलते राजकीय मेडिकल कालेज के साथ ही आईवीआरआई मुक्तेश्वर मंे स्थापित होने जा रही लैब द्वारा सैम्पलांे की जांच की जायेगी। इससे सैम्पलों की गति में सुधार होगा तथा राजकीय मेडिकल कालेज पर भी कम दबाव रहेगा।
आईवीआरआई मुक्तेश्वर में लैब स्थापित करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा 10 लाख की धनराशि लैब की व्यवस्थाओं आदि के लिए पूर्व मे जारी की जा चुकी है। मुक्तेश्वर लैब की व्यवस्थाआंे के सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा स्वास्थ्य महकमे के आला अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्हांेने अधिकारियांे से कहा कि मुक्तेश्वर की लैब आने वाले एक सप्ताह के भीतर क्रियाशील कर दी जाए। लैब को क्रियाशील करने से पूर्व तकनीकी तौर पर उसका परीक्षण भी कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि सुशीला तिवारी चिकित्सालय से एक माइक्रो बाइलोजिस्ट की तैनाती मुक्तेश्वर मंे कर दी गई है। उन्हांेने अधिकारियों से कहा कि इस लैब से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट में आने वाले 15 दिनों तक नगर पंचायत भीमताल से अनुबंधित संस्था द्वारा किया जायेगा। उन्हांेने मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भारती राणा से कहा कि लैब के निकट डीप वरियल पिट का निर्माण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी में उनके मानकों के अनुसार करायें। उन्हांेने उपजिलाधिकारी विनोद कुमार को निर्देश दिये कि वह तत्काल मुक्तेश्वर लैब के निकट पिट बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मुक्तेश्वर भेजें तथा मानको के अनुसार लोनिवि तत्काल पिट निर्माण का कार्य प्रारम्भ करें।
जिलाधिकारी ने सीएमओ से कहा कि आईवीआरआई लैब में उपकरण व अन्य सामान के लिए लाॅजिस्टिक व्यवस्था के अनुसार तत्काल सूची भेजें तथा उसका अनुश्रवण भी करें। उन्होंने चिकित्साधीक्षक सुशीला तिवारी डा. अरुण कुमार जोशी से कहा कि लैब के लिए उपकरण आदि की व्यवस्थाओं के लिए आईवीआरआई द्वारा जो सूची उपलब्ध कराई गयी है वह सामान वेंडरों के माध्यम से तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्हांेने कहा कि आईवीआरआई की लैब को तत्काल संचालित करना हम सबकी प्राथमिकता मे होना चाहिए।
बैठक में प्रधानाचार्य राजकीय मेडिकल कालेज डा. सीपी भैसोड़ा, परियोजना अधिकारी प्रदूषण निंयत्रण बोर्ड डा. आरके चतुर्वेदी, उप डिप्टी सीएमओ डा. रश्मि पंत, डा. तरुण कुमार टम्टा, व स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.