हल्द्वानी/रुद्रपुर। भीषण गर्मी के दौरान वन्यजीवों को पानी की कमी से राहत दिलाने के उद्देश्य से हल्द्वानी-रुद्रपुर मार्ग स्थित टांडा जंगल में 20 सीमेंट निर्मित हौदियां स्थापित की गई हैं। इन हौदियों में कुल 3000 लीटर से अधिक पानी संग्रहित किया जा सकेगा, जिससे जंगल में रहने वाले जंगली पशुओं और पक्षियों को गर्मी के दिनों में पानी उपलब्ध हो सकेगा।
यह सराहनीय पहल पर्यावरणविद एवं पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आशुतोष पन्त द्वारा अपने पिता स्वर्गीय सुशील चंद्र पंत की स्मृति में की गई है। डॉ. पन्त ने बताया कि गर्मियों के दौरान जंगलों में जल स्रोत सूखने लगते हैं और वन्यजीवों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर ऐसे दृश्य देखने के बाद उनके मन में वन्यजीवों के लिए स्थायी जल व्यवस्था करने का विचार आया।

उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए टांडा क्षेत्र के रेंजर रूप नारायण गौतम से संपर्क किया गया, जिन्होंने जंगल में पानी के पात्र स्थापित करने की अनुमति देने के साथ पूरा सहयोग भी प्रदान किया। सीमेंट के मजबूत पात्रों को जमीन में मजबूती से गाड़ा गया है, जिससे इनके कई वर्षों तक उपयोग में बने रहने की उम्मीद है।
डॉ. पन्त ने कहा कि यदि ये हौदियां समय पर तैयार हो जातीं तो इन्हें लगभग डेढ़ माह पहले ही स्थापित कर दिया जाता, लेकिन निर्माण में विलंब के कारण कार्य अब पूरा हो पाया। इसके बावजूद यह व्यवस्था आने वाले वर्षों में वन्यजीवों के लिए लाभदायक साबित होगी।
इस पहल को सफल बनाने में रेंजर रूप नारायण गौतम, डिप्टी रेंजर वीरेंद्र पड़ियार, राकेश पन्त, शशि वर्धन अधिकारी तथा वन विभाग के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डॉ. पन्त ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए समाज को भी आगे आकर ऐसे प्रयास करने चाहिए।
वन्यजीव संरक्षण की दिशा में यह पहल न केवल संवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि जंगलों में जीव-जंतुओं के लिए जीवनदायिनी व्यवस्था भी साबित होगी।

