दोनों संस्थानों में समान काम के लिए समान वेतन का नियम लागू
देहरादून। उत्तराखंड के हजारों उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी यूपीसीएल ने आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य, समान वेतनष् लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले से दो हजार से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी के अनुमोदन और शासन के विभिन्न आदेशों के अनुपालन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत यूपीसीएल में ’’1 जनवरी 2016 से पहले से लगातार कार्यरत उपनल कर्मचारियों’’ को अब उनके पद के वेतनमान का न्यूनतम वेतन और देय महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
यह व्यवस्था ’’1 मार्च 2026’’ से प्रभावी मानी जाएगी। यानी कर्मचारियों को मार्च 2026 से ही समान कार्य के बदले समान वेतन का लाभ मिलेगा। इससे लंबे समय से वेतन संबंधी मांग कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। मार्च से जुलाई 2026 तक बनने वाले एरियर का भुगतान भी कर्मचारियों को किया जाएगा। हालांकि यह राशि एक साथ नहीं मिलेगी। यूपीसीएल ने फैसला किया है कि एरियर को ’’अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर’’ के मानदेय के साथ समान मासिक किस्तों में अलग से दिया जाएगा। इधर, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड यानी ’’पिटकुल’’ ने भी उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए समान कार्य समान वेतन लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं।इस निर्णय के तहत ’’1 जनवरी 2016 से पहले विभिन्न पदों पर कार्यरत 112 उपनल कर्मियों’’ को सीधे तौर पर इस योजना का लाभ मिलेगा।
पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने सभी लाभार्थी कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन और प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया। कुल मिलाकर, यूपीसीएल और पिटकुल के इस फैसले को उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब हजारों कर्मचारियों को समान कार्य के बदले समान वेतन मिलने के साथ-साथ पिछले महीनों का एरियर भी किस्तों में मिलेगा।

