IMG 20260812 WA0055 scaled SIR में संदिग्ध आपत्तियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

SIR में संदिग्ध आपत्तियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल
खबर शेयर करें

हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में सामने आ रही संदिग्ध एवं सामूहिक आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने गंभीर चिंता जताई है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में ईआरओ/सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी विधानसभा को ज्ञापन सौंपकर ऐसी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत या संदिग्ध शिकायत के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी SIR प्रक्रिया की शुरुआत से ही निर्वाचन आयोग को सहयोग कर रही है। हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ पर BLA-2 नियुक्त किए गए हैं, जो मतदाताओं की समस्याओं के समाधान और आपत्तियों के निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं।

कांग्रेस के अनुसार हल्द्वानी विधानसभा क्षेत्र में करीब 43 हजार आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनके निस्तारण की प्रक्रिया के बीच 10 अगस्त से करीब 1,500 मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित ऑनलाइन आपत्तियां सामने आई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इनमें कुछ ऐसे मामले भी हैं, जिनमें एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। कुछ मामलों में एक शिकायतकर्ता द्वारा करीब 40-40 नामों पर आपत्ति लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि एक व्यक्ति द्वारा अलग-अलग मतदाताओं के नाम पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराया जाना प्रथम दृष्टया सामान्य प्रक्रिया नहीं लगता। ऐसे मामलों की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वास्तविक और तथ्यात्मक आपत्तियों का विरोध नहीं कर रही है, लेकिन फर्जी, गलत या संदिग्ध शिकायतों के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। यदि जांच में कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देकर या अनुचित तरीके से बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

BLA-1 एवं हल्द्वानी विधानसभा प्रभारी डॉ. मयंक भट्ट ने कहा कि कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरोध में नहीं है, बल्कि इसे पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप पूरा कराने के लिए निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन को हर संभव सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना उसके मताधिकार को प्रभावित करता है।

डॉ. भट्ट ने कहा कि एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम पर दर्ज कराई गई आपत्तियों को सामान्य आपत्तियों की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इन मामलों की अलग से जांच जरूरी है, ताकि SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।

कांग्रेस ने प्रशासन से एक ही शिकायतकर्ता द्वारा बड़ी संख्या में दर्ज आपत्तियों की अलग से जांच, करीब 1,500 मतदाताओं से संबंधित संदिग्ध आपत्तियों का सत्यापन, शिकायतकर्ताओं की पहचान और आपत्ति के आधार की जांच कराने की मांग की है। साथ ही पार्टी ने फॉर्म संख्या-10 में शिकायतकर्ता से संबंधित आवश्यक विवरण पारदर्शी रूप से उपलब्ध कराने, पात्र मतदाताओं को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर देने और जानबूझकर फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है, लेकिन इस प्रक्रिया में एक भी पात्र मतदाता का मताधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। अपात्र मतदाताओं को चिन्हित करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी पात्र मतदाताओं के नाम और उनके मताधिकार की सुरक्षा करना भी है।

ज्ञापन देने वालों में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, BLA-1 एवं हल्द्वानी विधानसभा प्रभारी डॉ. मयंक भट्ट, जिला महासचिव मलय बिष्ट, पूर्व मंत्री सुहैल सिद्दीकी, गोविन्द बगड़वाल, पार्षद एडवोकेट धर्मवीर, महानगर कोषाध्यक्ष कन्नू परगाई, युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुमित कुमार, एडवोकेट कोमल जायसवाल, योगेंद्र पाठक, अंकुर जोशी, मोहित दुर्गापाल एवं देवेंद्र नेगी आदि मौजूद रहे।

Follow us on WhatsApp Channel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *