नैनीताल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वी.एन.वी. परियोजना के अंतर्गत आरोही संस्था, सतोली द्वारा रामगढ़, ओखलकांडा और धारी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न होकर उनके संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा जैव विविधता के संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस प्रकृति, पर्यावरण और पृथ्वी के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और सभी जीवों की विविधता को बचाते हुए धरती को स्वच्छ, सुरक्षित और रहने योग्य बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही कार्बन क्रेडिट की अवधारणा पर भी चर्चा की गई और बताया गया कि भविष्य में वन एवं हरित संसाधन आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं।
विद्यार्थियों ने अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल स्रोतों के संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा जैव विविधता की रक्षा के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और हरित वातावरण सुनिश्चित करने की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में आरोही संस्था के अधिशासी निदेशक डॉ. पंकज तिवारी, यशपाल आर्या, डॉ. नारायण सिंह, चंद्रशेखर, बृजेश कुमार, पंकज तिवारी, जगदीश महतोलिया, विशन आर्या, नरेंद्र सिंह बिष्ट, विनय दसैला, मीनाक्षी सहित संस्था की पूरी टीम उपस्थित रही।
