लोनिवि विभागाध्यक्ष को डिजाइन कंसलटेंट के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथमदृष्टया लापरवाही, तकनीकी निगरानी में शिथिलता और गुणवत्ता नियंत्रण में कमी पाए जाने पर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड देहरादून के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही लोनिवि विभागाध्यक्ष को डिजाइन कंसलटेंट के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 28 जुलाई को नंदा की चौकी के पास टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड अचानक धंस गई थी। घटना के बाद लोनिवि की कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे थे। मामले की जांच के लिए मुख्य अभियंता को जिम्मेदारी दी गई थी। मुख्य अभियंता ने तीन अगस्त को जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने अधिशासी अभियंता ’’राजेश कुमार’’, सहायक अभियंता ’’अमित त्यागी’’ और कनिष्ठ अभियंता ’’नवीन गैरोला’’ को निलंबित कर दिया है। तीनों अधिकारियों को दीर्घ शास्ति प्रदान किए जाने का भी उल्लेख आदेश में किया गया है।
लोनिवि सचिव ’’डॉ. पंकज कुमार पांडेय’’ की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों ने तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन और अपने दायित्वों के समुचित निर्वहन में लापरवाही बरती। इसके चलते निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रभावित हुई।
नदी का बहाव मोड़ने की नहीं की गई व्यवस्था
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पुल की सुरक्षा के लिए टोंस नदी के बहाव को मोड़ने और ’’रिवर ट्रेनिंग वर्क’’ किए जाने की व्यवस्था होनी थी, लेकिन इसे नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप नदी का बहाव एक तरफ केंद्रित हो गया और तेज कटाव होने लगा। कटाव के कारण पुल की एप्रोच रोड धंस गई।
शासन ने लोनिवि विभागाध्यक्ष को डिजाइन कंसलटेंट के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुल को भविष्य में सुरक्षित रखने के लिए जांच रिपोर्ट में दिए गए सुझावों के आधार पर ’’समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्य कराने’’ को कहा गया है।

