hathkargha diwas राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर ऊधमसिंह नगर में कार्यक्रम, बुनकरों और कारीगरों ने लिया परंपरागत कला के संरक्षण का संकल्प

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर ऊधमसिंह नगर में कार्यक्रम, बुनकरों और कारीगरों ने लिया परंपरागत कला के संरक्षण का संकल्प

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रुद्रपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला उद्योग केंद्र, ऊधमसिंह नगर के सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने प्रतिभाग करते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए बुनकरों और हथकरघा कार्य से जुड़े कारीगरों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में करीब 70 से 80 बुनकरों एवं कारीगरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने कहा कि हथकरघा भारतीय संस्कृति और परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हुनर की पहचान भी है। उन्होंने स्थानीय बुनकरों एवं कारीगरों से अपने उत्पादों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करने तथा पारंपरिक कला को संरक्षित रखने के साथ-साथ आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनीने सभी प्रतिभागियों को हथकरघा परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने की शपथ दिलाई। बुनकरों और कारीगरों ने हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र के विकास, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा पारंपरिक बुनकरी कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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इस दौरान जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विपिन कुमार ने बुनकरों को विभिन्न विभागीय योजनाओं की भी जानकारी देकर लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आईं बुनकर एवं कारीगर सविता देवी, फेमिदा सहित अन्य प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान हथकरघा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों, स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार, बाजार की उपलब्धता और कारीगरों को प्रोत्साहन देने के उपायों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी बुनकरों, कारीगरों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर न केवल पारंपरिक कला को संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि इससे स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

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