बच्चों को दिलाई कुपोषण मुक्ति की शपथ

कुपोषण से दूरी के लिए पौष्टिक आहार जरूरी: अनुलेखा

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल

रामगढ़ ब्लाक के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में चलाया कुपोषण मुक्ति अभियान
भीमताल। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जिले भर के तहसील व ब्लाॅक स्तर पर पोषण अभियान का संचालन किया जा रहा है। इसी क्रम में बाल विकास विभाग हर रोज अलग-अलग ब्लाॅकों व परियोजनाओं से जुड़े आंगनबाड़ी केंद्रांे, स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय कुपोषण मुक्त अभियान के तहत लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही उन्हें संतुलित व पौष्टिक आहार का महत्व बताया जा रहा है। वहीं बच्चों को कुपोषण मुक्त भारत की शपथ भी दिलई जा रही है।

केवल विटामिन की गोलियां या टानिक ही पर्याप्त नहीं
जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट ने बताया कि रामगढ़ ब्लाॅक के चांफी, प्राइमरी विद्यालय गढ़गांव, आंगनबाडी केन्द्र भद्रयूटी व आंगनबाड़ी केन्द्र सूफी मे चलाया गया। कार्यक्रम में बच्चांे को पौष्टिक आहार एवं स्वच्छता के बारे में विस्तार से बताया गया। बिष्ट ने कहा कि किसी भी बच्चे की जिन्दगी के शुरूआती वर्षो मंे पौष्टिक आहार का खास महत्व है। इन्हीं वर्षो में उसके स्वस्थ जीवन की नींव रखी जाती है। जरा सी लापरवाही बच्चे के लिए भारी पड़ती है। कुपोषण अपने साथ एक नहीं कई बीमारियां लेकर आता है। जरूरत है केवल समय पर पौष्टिक आहार कराने की। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे के दांत हड्डियां मजबूत एवं सुद्ढ़ मांसपेशियां तभी बन सकती हैं जब उसे नियमित और पौष्टिक आहार मिलता रहे। केवल विटामिन की गोलियां या टानिक पिलाने से किसी भी बच्चे को स्वस्थ नहीं रख सकते। पोषण कार्यक्रम मे सैकड़ों बच्चों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया।

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