जैविक सब्जियों से लदी अनिल की बगिया

घर आए मेहमान को जैविक उपहार दे रहा गोरा पड़ाव का किसान

उत्तराखण्ड कृषि ताजा खबर

अनिल के लिए जुनून बन चुकी जैविक खेती, जैविक बगिया में लौकी, कद्दू और तुरई तैयार
लक्ष्मण मेहरा
हल्द्वानी। आम तौर पर घर आए मेहमान को कुछ न कुछ देने का रिवाज है। हर कोई अपनी सामथ्र्य के अनुसार जाते समय मेहमान को मान-सम्मान स्वरूप भेंट देता है। अब समय जैविक उत्पादों का है। लिहाजा एक किसान ने घर आए मेहमान को उपहार स्वरूप जैविक उत्पाद देना शुरू कर दिया है। उसका मकसद जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही लोगों को जैविक खान-पान के लिए प्रेरित करना है।
जैविक खेती को जुनून बना चुके अनिल पांडे की बगिया इन दिनों जैविक फल व सब्जियों से लदी है। बगिया देखने घर पहुंच रहे लोगों को वे आजकल जैविक फल-सब्जी उपहार स्वरूप देकर जैविक खान-पान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

घर आए मेहमान को जैविक लौकी भेंट करते अनिल पांडे
घर आए मेहमान को जैविक लौकी भेंट करते अनिल पांडे

ग्राम, फत्ताबंगर, गोरा पड़ाव निवासी अनिल पांडे जैविक खेती को बढ़ावा देने में जुटे हैं। गौलापार के रहने वाले प्रगतिशील किसान नरेंद्र सिंह मेहरा को आदर्श मानने वाले अनिल कृषि विभाग से जैविक प्रशिक्षक के रूप में भी जुड़े हैं। जैविक प्रशिक्षण के दौरान ही उनका जुनून जैविक खेती के लिए जाग उठा है। इन दिनों उनकी बगिया में जैविक खाद से तैयार आम, अमरुद, लीची, कटहल, लुकाट, आंवला, चीकू एवं नीबू के साथ-साथ नागालैंड का तरुड़ (कंदमूल) शान बढ़ा रहे हैं घर में आने वाले लोगों को भी अनिल उपहार स्वरूप जैविक फल व सब्जी ही भेंट कर रहे हैं।
अनिल पांडे ने बताया कि जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही वे और गौलापार के किसान नरेंद्र सिंह मेहरा काम कर रहे हैं। बताया कि उन्होंने अपनी जैविक बगिया में लौकी, कद्दू और तुरई तैयार की है। बताया कि परिचित लोगों का बगिया देखने को तांता लगा हुआ है। क्षेत्र के अनेक परिचित लोग जैविक लौकी ले जाकर उनकी सराहना कर रहे हैं। वहीं लोगों का भी जैविक उत्पादों की ओर रुझान बढ़ रहा है। अनिल का कहना है कि आज जीवन को बचाने के लिए जैविक उत्पादन बहुत जरूरी है और हमारी मुहिम लोगों को जैविक की ओर प्रेरित करना है। वहीं उन्होंने अपनी बगिया में विलुप्त प्राय धान तिलक चंदन को जैविक संवर्धन के लिए बोया है, जो जल्द ही तैयार हो जाएगा।

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