शेर सिंह बोला, ‘‘उत्तराखंड में परचून की दुकानों में मिलते हैं पटवारी के पेपर’’
दिल्ली/हल्द्वानी। दिल्ली के जंतर-मंतर से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने उत्तराखंड पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। पिथौरागढ़ में तैनात एक निलंबित सिपाही मंच पर पहुंचा, छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और वहीं से अपनी नौकरी छोड़ने का ऐलान कर दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उत्तराखंड पुलिस का निलंबित सिपाही ’’शेर सिंह’’ वर्दी पहनकर मंच पर पहुंचा। उसने छात्रों को संबोधित करते हुए दावा किया कि उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर आसानी से परचून की दुकानों में मिल जाते हैं।
शेर सिंह ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद वह बेहद आक्रोशित था। मंच से उसने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया और कहा कि उत्तराखंड पुलिस के कई जवान छात्रों के साथ हैं। कार्यक्रम के दौरान शेर सिंह ने मंच पर मौजूद ’’अभिजीत दिपके’’ को अपना इस्तीफा और कंधे पर लगे बैज सौंप दिए। इसके बाद वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उसके इस कदम का स्वागत किया और इसे छात्रों के आंदोलन के प्रति नैतिक समर्थन बताया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड पुलिस महकमे में हलचल मच गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने सिपाही के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। जांच में सामने आया कि शेर सिंह 28 जून से बिना सूचना दिए ड्यूटी से अनुपस्थित था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह किसी वीआईपी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात नहीं था, जैसा कि उसने अपने भाषण में दावा किया।
पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक ’’अक्षय प्रह्लाद कोंडे’’ ने बताया कि शेर सिंह करीब दो महीने पहले ही अपना इस्तीफा दे चुका था, लेकिन उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और न्यायालय में लंबित मामले के कारण इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसपी के मुताबिक विभागीय कार्रवाई अंतिम चरण में है और उसे बर्खास्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
फिलहाल, जंतर-मंतर से सामने आया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पूरे मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब देखना होगा कि विभागीय कार्रवाई के बाद आगे क्या फैसला लिया जाता है।

