हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार ने देश सेवा कर सेवानिवृत्त होने वाले पूर्व सैनिकों को रोजगार के नए अवसर देने के लिए उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना-2026 शुरू की है। योजना का उद्देश्य पूर्व सैनिकों को नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार सृजक के रूप में स्थापित करना है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत हर वित्तीय वर्ष के लक्ष्य का 10 प्रतिशत हिस्सा पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित रहेगा। उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना-2026 वित्तीय वर्ष 2026-27 से शुरू की गई है और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 की संचालन अवधि तक लागू रहेगी। योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये, जबकि सेवा और व्यवसाय क्षेत्र के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
योजना का लाभ थल सेना, नौसेना, वायु सेना, अग्निवीर और विभिन्न अर्द्धसैनिक बलों से ससम्मान सेवानिवृत्त हुए पात्र पूर्व सैनिक ले सकेंगे। हालांकि, जो पूर्व सैनिक सरकारी विभागों में उपनल या आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।योजना के लिए आवेदक का जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में पंजीकृत होना जरूरी है। आवेदन के साथ डिस्चार्ज बुक, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड का पहचान पत्र या सेवा मुक्ति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, परियोजना रिपोर्ट, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
इस योजना में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के तहत पात्र सभी गतिविधियों को शामिल किया गया है। योजना के तहत मिलने वाले उपादान यानी मार्जिन मनी का समायोजन भी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अनुरूप किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है।नैनीताल जिले के बी, सी और डी श्रेणी के क्षेत्रों में योजना के तहत अतिरिक्त मार्जिन मनी का प्रावधान किया गया है। भीमताल, धारी, बेतालघाट, रामगढ़ और ओखलकांडा विकासखंड बी श्रेणी में शामिल हैं। कोटाबाग का 800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाला क्षेत्र सी श्रेणी में, जबकि रामनगर, हल्द्वानी सहित निर्धारित मैदानी क्षेत्र डी श्रेणी में रखे गए हैं।
बी श्रेणी के क्षेत्रों में परियोजना लागत के अनुसार उपादान की दर 35, 30 और 25 प्रतिशत तक है। वहीं सी और डी श्रेणी के क्षेत्रों में यह दर 30, 25 और 20 प्रतिशत तक निर्धारित है। इसके अलावा पूर्व सैनिकों के लिए सामान्य प्रावधान से 5 प्रतिशत अतिरिक्त मार्जिन मनी/उपादान का प्रावधान किया गया है।योजना की एक खास बात यह भी है कि एक ही परिवार के एक से अधिक पूर्व सैनिक इसका लाभ ले सकते हैं। यानी पति और पत्नी दोनों पूर्व सैनिक हैं तो दोनों अलग-अलग उद्यम स्थापित करने के लिए योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, किसी अन्य सरकारी योजना में पहले से लाभ ले चुके पूर्व सैनिकों को पांच वर्ष के भीतर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना-2026 पूर्व सैनिकों के अनुभव और कौशल को उद्यमिता से जोड़ने की सरकार की पहल है। इसका मकसद देश सेवा के बाद जवानों को आत्मनिर्भर बनाना और प्रदेश में नए रोजगार के अवसर पैदा करना है। योजना की अधिक जानकारी उेल.ना.हवअ.पद पोर्टल पर प्राप्त की जा सकती है। यह जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं

