देहरादून। चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पूर्णागिरि तहसील के अंतर्गत खटीमा वन रेंज के गुदमी क्षेत्र में सिडकुल की स्थापना के लिए 30 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि को चिह्नित किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद प्रशासन ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है।
इसको लेकर एसडीएम प्रमोद कुमार ने वन विभाग की टीम के साथ गुदमी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी कर लिया है। निरीक्षण के बाद सिडकुल के लिए चिह्नित भूमि का प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार चिह्नित 30 हेक्टेयर क्षेत्र में पेड़ों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। वन भूमि के प्रतिपूरक वनीकरण के लिए नैनीताल जिले की धारी तहसील में 60 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।
चंपावत जिले के मैदानी क्षेत्र में लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने की मांग उठती रही है। सिडकुल की स्थापना होने पर क्षेत्र में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
विशेष रूप से स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन करने के बजाय अपने ही क्षेत्र में काम के अवसर मिलने की संभावना है। उद्योगों के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल, खानपान, तकनीकी सेवाओं और छोटे कारोबारों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सरकार की पहल का उद्देश्य केवल औद्योगिक इकाइयां स्थापित करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते तैयार करना भी है। सिडकुल क्षेत्र विकसित होने पर आसपास के गांवों के लोगों के लिए स्वरोजगार और छोटे उद्यम शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रशासन द्वारा भूमि चिह्नीकरण और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। यदि योजना निर्धारित प्रक्रिया के तहत धरातल पर उतरती है तो पूर्णागिरि क्षेत्र के गुदमी में बनने वाला सिडकुल चंपावत के मैदानी क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार की नई इबारत लिख सकता है।

