रामगाड़ पुल पर भारी वाहनों की एंट्री बंद, 20 जुलाई तक लागू रहेगा प्रतिबंध
भवाली। कुमाऊं की लाइफ लाइन कहे जाने वाले भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रामगाड़ पुल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लगातार बारिश के कारण पुल की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। 20 जुलाई तक इस मार्ग पर भारी और मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार 11 जुलाई को हुई भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर स्थित रामगाड़ पुल के बाएं हिस्से की डाउनस्ट्रीम विंग वॉल करीब 12 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण पुल की उपयोगी चौड़ाई घटकर मात्र साढ़े तीन मीटर रह गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहती है तो पुल और एप्रोच मार्ग को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए एहतियातन यह निर्णय लिया गया है। हालांकि प्रशासन ने यात्री वाहनों, सेना के वाहनों, गैस, तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी है, ताकि आम लोगों को जरूरी सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं।
अल्मोड़ा और रानीखेत से हल्द्वानी जाने वाले भारी वाहन अब क्वारब-नथुवाखान-रामगढ़-भवाली मार्ग से होकर जाएंगे। हल्द्वानी से अल्मोड़ा जाने वाले भारी वाहन खुटानी मार्ग का उपयोग करेंगे।रानीखेत की ओर जाने वाले भारी वाहन भवाली-रामगढ़-नथुवाखान-क्वारब-खैरना मार्ग से संचालित होंगे।
नैनीताल और ज्योलीकोट से अल्मोड़ा व रानीखेत जाने वाले सभी भारी और मालवाहक वाहनों को भी डायवर्ट किया गया है। इधर रामगाड़ पुल के पास क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन मरम्मत कार्य और सीमित चौड़ाई के कारण पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, धारचूला और रानीखेत की ओर जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर आप भी आने वाले दिनों में कुमाऊं की यात्रा पर निकलने वाले हैं, तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर जांच लें और प्रशासन द्वारा जारी वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। फिलहाल रामगाड़ पुल की मरम्मत का काम तेजी से जारी है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

