पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर के प्रसार शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत कृषक भवन, समेटी में ‘मखाना उत्पादन’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ऊधम सिंह नगर जनपद के 85 किसानों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलसचिव डा. दीपा विनय रहीं। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि विविधीकरण के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलती कृषि परिस्थितियों में किसानों को परंपरागत फसलों के साथ-साथ लाभकारी और संभावनाशील फसलों, जैसे मखाना उत्पादन, की ओर भी ध्यान देना चाहिए।
कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने ऑनलाइन माध्यम से किसानों को मखाना उत्पादन की तकनीकी जानकारी दी। राजेन्द्र प्रसाद विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डा. सर्वेश कुमार गुप्ता एवं श्री राजीव रंजन ने मखाना उत्पादन में कीट और उनके प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं विश्वविद्यालय के डा. यू.सी. लोहनी ने मखाना फसल प्रबंधन और कटाई से संबंधित तकनीकों से किसानों को अवगत कराया। विशेषज्ञों ने मखाना की वैज्ञानिक उत्पादन तकनीक, फसल प्रबंधन, कीट प्रबंधन, कटाई, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों ने भी विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका समाधान किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ऊधम सिंह नगर के किसानों को मखाना उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ना और उत्तराखंड में मखाना उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डा. निर्मला भट्ट, डा. अजय प्रभाकर, अपूर्वा, जगदीश बिष्ट और सुधीर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन ज्योति कनवाल ने किया।
कार्यशाला का आयोजन और समन्वय निदेशक प्रसार शिक्षा डा. जितेन्द्र क्वात्रा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि, विशेषज्ञों, अधिकारियों और सभी किसान प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

