डीएम से फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर प्रसारित करने पर न्यूज पोर्टल को नोटिस
नैनीताल,। रामनगर में आयोजित सरस मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी, रामनगर द्वारा जौनसारी संस्कृति के पारंपरिक नाटी नृत्य में प्रतिभाग किए जाने को लेकर जिलाधिकारी नैनीताल से दूरभाष पर हुई बातचीत की कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना अथवा सहमति रिकॉर्डिंग कर सार्वजनिक किए जाने के मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौ.) नैनीताल ने संबंधित न्यूज पोर्टल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब सात दिन के भीतर तथ्य एवं प्रमाण सहित देने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार 22 अगस्त 2026 को रामनगर में आयोजित जनपद स्तरीय सरस मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी रामनगर ने जौनसारी संस्कृति के पारंपरिक नाटी नृत्य में मंच पर प्रतिभाग किया था। इस संबंध में रामनगर के एक न्यूज पोर्टल से जुड़े व्यक्ति की ओर से जिलाधिकारी नैनीताल से दूरभाष पर संपर्क कर यह जानने का प्रयास किया था कि कार्यक्रम में एसडीएम के प्रतिभाग करने के संबंध में शासकीय आचरण नियमों अथवा प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किसी कार्रवाई का प्रश्न उत्पन्न होता है या नहीं।
प्रकरण में यह बात सामने आने पर कि उक्त दूरभाष वार्ता को कथित रूप से बिना पूर्व सूचना, अनुमति अथवा सहमति के रिकॉर्ड किया गया और बाद में रिकॉर्डिंग के अंश को समाचार अथवा वीडियो के रूप में सार्वजनिक किया गया, प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौ.) नैनीताल द्वारा संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसकी तामील तहसीलदार रामनगर के माध्यम से कराई गई है।
छह बिंदुओं पर मांगा गया स्पष्टीकरण
नोटिस में छह प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्ट एवं प्रमाण सहित जवाब मांगा गया है। संबंधित से पूछा गया है कि जिलाधिकारी के साथ हुई वार्ता की रिकॉर्डिंग किस व्यक्ति ने, किस उपकरण या माध्यम से और किस उद्देश्य से की। साथ ही रिकॉर्डिंग से पहले जिलाधिकारी को इसकी जानकारी दी गई थी अथवा उनकी अनुमति या सहमति ली गई थी या नहीं, इसका प्रमाण भी मांगा गया है।
इसके अलावा रिकॉर्डिंग को समाचार या वीडियो के रूप में सार्वजनिक करने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया, निर्णय लेने वाले व्यक्ति का नाम एवं पदनाम क्या था तथा प्रकाशन से पहले जिलाधिकारी के कथन का पूर्ण संदर्भ और मूल वार्ता से उसका सत्यापन किस प्रकार किया गया, इसका विवरण भी मांगा गया है।
नोटिस में रिकॉर्डिंग अथवा वीडियो को किन-किन डिजिटल प्लेटफॉर्म और माध्यमों पर प्रसारित किया गया, इसकी दिनांक, समय, शीर्षक तथा लिंक या प्रति उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
संपादकीय नीति और पत्रकारिता मानकों पर भी जवाब तलब
नोटिस में न्यूज पोर्टल की संपादकीय नीति, आंतरिक प्रक्रिया और पत्रकारिता के प्रचलित मानकों के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित से यह बताने को कहा गया है कि बिना पूर्व सूचना या अनुमति के किसी लोक सेवक के साथ हुई दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग एवं उसके सार्वजनिक प्रसारण को लेकर पोर्टल की क्या नीति है और इस मामले में उसका किस प्रकार पालन किया गया।
यदि पोर्टल का पक्ष है कि वार्ता की रिकॉर्डिंग और प्रसारण विधिसम्मत, उचित एवं पत्रकारिता के स्थापित मानकों के अनुरूप था, तो उसके समर्थन में तथ्य, दस्तावेज, संपादकीय औचित्य एवं अन्य संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है।
जवाब नहीं देने पर आगे की कार्रवाई की संस्तुति
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सात दिन की निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा प्रस्तुत जवाब और अभिलेख संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर प्रकरण जिलाधिकारी नैनीताल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद विधि एवं प्रचलित नियमों के अनुसार अग्रिम कार्रवाई के संबंध में आवश्यक संस्तुति की जाएगी।
हालांकि नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका उद्देश्य वैध पत्रकारिता, समाचार संकलन, जनहित से जुड़ी सूचना के प्रकाशन अथवा कानून द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति के अधिकार को प्रतिबंधित करना नहीं है। नोटिस का उद्देश्य केवल दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग, उसके स्रोत, पूर्व सूचना अथवा अनुमति, संपादन और सार्वजनिक प्रसारण से संबंधित तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना तथा संबंधित मीडिया संस्थान एवं व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देना है।

