E0 KrcP2S हल्द्वानी-भीमताल-चांफी-पदमपुरी मार्ग गडढों से बदहाल

हल्द्वानी-भीमताल-चांफी-पदमपुरी मार्ग गडढों से बदहाल

उत्तराखण्ड ट्रेवल ताजा खबर नैनीताल
खबर शेयर करें

समय से पहले वाहन हो रहे खराब, यात्रियों के लिए पीड़ादायी बना सफर
हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के दावे कर रही है, लेकिन कुमाऊं की कई प्रमुख सड़कें इन दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। हल्द्वानी से कैंची धाम और पहाड़ों को जोड़ने वाला रानीबाग-भीमताल-चांफी-पदमपुरी मार्ग इन दिनों सैकड़ों गड्ढों से बदहाल है। हालत यह है कि हर सफर लोगों के लिए परेशानी और खतरे से भरा बन गया है। हल्द्वानी से भीमताल और आगे चांफी-पदमपुरी जाने वाला यह प्रमुख मार्ग कुमाऊं के हजारों लोगों की जीवनरेखा है। इसी रास्ते से हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम पहुंचते हैं। लेकिन इस समय सड़क की हालत बेहद खराब है।
करीब 17 किलोमीटर लंबे रानीबाग-भीमताल मार्ग पर 185 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। इनमें से 165 गड्ढे रानीबाग से सलड़ी के बीच और करीब 20 गड्ढे सलड़ी से भीमताल के बीच हैं। कई जगहों पर सड़क का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और गहरी नालियां बन गई हैं। वाहन गड्ढों में हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह सड़क किसी जोखिम से कम नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग स्थायी मरम्मत करने के बजाय गड्ढों में मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर रहा है। बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और सड़क फिर पहले जैसी बदहाल हो जाती है।

सिर्फ रानीबाग-भीमताल मार्ग ही नहीं, बल्कि नरीमन तिराहे से काठगोदाम तक की सड़क भी गड्ढों से छलनी है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। सड़क की बदहाली को लेकर अब लोगों का गुस्सा भी खुलकर सामने आने लगा है। बुधवार को भीमताल पदमपुरी मार्ग पर कांग्रेस नेता मनोज शर्मा सड़क पर बैठकर धरने पर उतर गए। उन्होंने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मनोज शर्मा का आरोप है कि बजट जारी होने के बावजूद चांफी-पदमपुरी-धारी मोटर मार्ग का सुधारीकरण शुरू नहीं किया गया। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं और धरातल पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा। एक तरफ मुख्यमंत्री धामी प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुमाऊं की महत्वपूर्ण सड़कें इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और प्रशासन कब तक इन सड़कों की सुध लेते हैं और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम सफर मिल पाता है।

 

Follow us on WhatsApp Channel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *