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नहीं चाहिए मुआवजा सरकार, सड़क बनाकर खोल दो विकास के द्वार

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ग्रामीणों के साथ ही प्रवासी युवा भी लम्बे समय से सड़क निर्माण कराने को कर रहे जददोजहद
कुमाऊं जनसन्देश डेस्क
हल्द्वानी। हर गांव को सड़क से जोड़ने के दावे सल्ट विधानसभा क्षेत्र के हनेड़ गांव में खोखले साबित हो रहे हैं। जहां आज 26 जनवरी को सभी लोग उत्साहपूर्वक गणतंत्र दिवस मना रहे हैें, वहीं हनेड़ के ग्रामीण एक अदद सड़क न बन पाने से मायूस हैं। गांव से दूर रहने वाले प्रवासी भी विभिन्न मंचों से आवाज बुलंद कर रहे हैं। सड़क निर्माण में मुख्य परेशानी भूमि न मिलने या ग्रामीणों के अधिक मुआवजे की मांग विलंब की वजह बनती है। मगर, हनेड़ के ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि देने के साथ ही किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मांग रहे हैं। उन्हें चाहिए तो बस एक अदद सड़क जो बसेड़ी मुख्य मोटर मार्ग से मिल सके, जिससे कि गांव में विकास के द्वार खुल सकें। ग्रामीणों को उत्पादों को बाजार भेजने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े और गांव में ही स्वरोजगार का माहौल बन सके जिससे कि पलायन पर भी कुछ हद तक रोक लग सके।
अल्मोड़ा के सल्ट विधानसभा क्षेत्र के हनेड़ गांव के ग्रामीण सड़क सुविधा से वंचित हैं। वे रतखाल ग्राम सभा पुरियाचैरा से ग्रामसभा बसेड़ी तक सड़क निर्माण और रतखाल से झिरणखेत, हनेड़ (कपूरनोली) बसेड़ी पुराना हनेड़ होते हुए ग्रामसभा सुतोली तक सड़क बनवाने की मांग लम्बे समय से करते आ रहे हैंे। खास बात तो यह है कि वे सड़क निर्माण के उपयोग में आने वाली भूमि भी बिना मुआवजे को देने को तैयार हैं। इसके लिए लम्बे समय से राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पत्राचार भी किया जा रहा है। मगर, गांव वालों की मांग पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में उनका सरकार और जनप्रतिनिधियों से भरोसा उठता ही जा रहा है।
प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के तहत करीब 15 किलोमीटर सड़क बनवाने के लिए मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा जा चुका है मगर कोई पहल अब तक होती नहीं दिखी है। वहीं वस़्त्र राज्य मंत्री अजय टम्टा भी ग्रामीणों की इस समस्या को पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नोडल अधिकारी को 2017 में भेज चुके हैें। मगर अफसर है कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेने का नाम नहीं ले रहे हैं।
इधर हाल ही के दिनों मेें मानिला अल्मोड़ा से संचालित मानिला विकास समिति भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत रतखाल ग्राम पुरियाचैड़ा से बाया हनेड़ होते हुए बसेड़ी मुख्य मोटर मार्ग तक सड़क मिलान की गुहार लगा चुकी है। इसके लिए बकायदा मानिला विकास समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने सड़क निर्माण में उपयोग आने वाली भूमि का किसी भी तरह का मुआवजा न लेेने संबंधी ग्रामीणों का हस्ताक्षर युक्त पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है। समिति के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया है कि राज्यमंत्री अजय टम्टा की ओर से प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के नोडल अधिकारी को पूर्व में ही पत्र भेजा है लेकिन किसी भी प्रकार की कार्यवाही शासन स्तर पर नहीं हुई है। जबकि ग्रामीण विकास की दृष्टि से इस सड़क का निर्माण होना अति आवश्यक है।
हनेड़ क्षेत्र के रिटायर्ड शिक्षक अमरदेव सती भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज चुके हैं। रोजगार की खातिर अपने गांव से दूसरे राज्य या शहर गए युवा भी लगातार विभिन्न माध्यमों से आवाज उठा रहे हैं। देखने वाली बात है कि सरकार और उसके अधिकारी कब इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण की पहल करते हैं। बहरहाल जो भी हो सड़क निर्माण होने से ग्रामीणों की वर्षो पुरानी मांग तो पूरी होगी ही साथ ही गांव के विकास का रास्ता भी खुल सकेगा।
शासन और जनप्रतिनिधियों को भेजे ज्ञापनों में शंभूदत्त मठपाल, भूपेंद्र सिंह, किशोर सिंह भाकुनी, विजय सिंह बंगारी, सुनीता बसनाल, गंगादत्त शर्मा, अम्बा दत्त पांडेय, मनोज सिंह, बीना देवी, देवेंद्र सिंह, प्रकाश तिवारी, कैलाश चंद्र सती, उर्बादत्त, मान सिंह, हीरा बल्लभ, मोहनचंद्र गहतोड़ी, भवान सिंह, पार्वती देवी, ममता बसनाल, जशोदा देवी, मोहनी देवी, खीम सिंह सहित तमाम ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।

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