डीएम सविन बंसल

डीएम सविन बंसल को मिल रही जनता की दिल से दुआ

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जिले को मिला ऐसा जिलाधिकारी जिसके लिए जनता सर्वोपरि
विनोद मेहरा
हल्द्वानी। नैनीताल जिले को पहली बार ऐसा जिलाधिकारी मिला है, जिसके लिए जनता सर्वोपरि है। जनता के अधिकार सर्वोपरि हैं। जनता की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता है। एक एक फरियादी की समस्या को व्यक्तिगत तौर पर फाॅलोअप कर निदान करने वाला जिलाधिकारी पहली बार देखा है।
वाह क्या व्यवस्था की है। कलेक्ट्रेट नैनीताल मे और जिलाधिकारी कैंप कार्यालय हल्द्वानी में। जनता दरबार मंे समस्या लेकर आने वाले फरियादियों की समस्या का त्वरित निस्तारण करने के लिए कैंप कार्यालय हल्द्वानी में सभी विभागों के मातहतों को बैठाया गया है, जिससे समाधान हाथों हाथ हो सके।

नायक मूवी के अनिल कपूर की याद दिला रहे हैं नवांगतुक जिलाधिकारी
इनसे तुलना करने लायक कोई जिलाधिकारी नैनीताल जिले में पहले कभी कोई आया ही नहीं, शायद ही जनता से इस तरह कनेक्ट होने वाला कलेक्टर जिले को पहले मिला हो। वाह ! - जिलाधिकारी से मिलने के लिए जैसे ङाॅक्टर के क्लीनिक मे नम्बर लगता है, वैसे नम्बर से मिलने वालों की मुलाकात हो रही है। फिर चाहे कोई सत्तापक्ष के नेता जी ही क्यों न हो अपना नम्बर आने पर ही मिलेंगे। मंत्री, विधायकों को यदि जिलाधिकारी से मिलना हो तो भी यदि आम जनता के फरियादी मौजूद हो तो पहले जनता को प्राथमिकता दी जा रही है।

समस्याएं सुनते डीएम बंसल
समस्याएं सुनते डीएम बंसल

हर समस्या के निदान का कर रहे प्रयास
आप जिलाधिकारी जब से नैनीताल जिले मे आये हैं आपने जनता से जुङा ऐसा कोई विषय नहीं छोड़ा जिसको आपने छुआ न हो, बिजली, पानी, तहसील मंे प्रमाण पत्र, सफाई व्यवस्था, पेंशन व्यवस्था, कानून व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था, सब कुछ का इतने कम दिनों में ऐसा ओवरआॅयल किया है कि किसी भी सरकारी काम की फाइल बिजली के करंट सी दौङ रही है, वाह सर वाह।

 

अल्मोड़ा में बंद करवा चुके हैं पालीथिन का इस्तेमाल
लेकिन आप सब की जानकारी के लिए बताना चाहूंगा, वर्तमान जिलाधिकारी पूर्व मंे अल्मोडा जिले मंे भी सेवाएं दे चुके हैं। आपकी ही बदौलत वहां पर पाॅलीथिन का इस्तेमाल आज भी पूरी तरह बंद है। आप जिलाधिकारी की ही बदौलत अल्मोड़ा की माल रोङ में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए वन वे व्यवस्था करवाई गई थी, जिसका उल्लंघन स्वयं जिलाधिकारी की गाड़ी भी नहीं कर सकती थी। सिर्फ शहर कोतवाल को मालरोड पर दोनों तरफ कानून व्यवस्था को ध्यान मंे रखते हुए, आने जाने की अनुमति थी ( गौरतलब है एक सत्तासीन मंत्री जी ने वहां ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया था, तब सरकार का आप पर दबाव तो बना, लेकिन अल्मोड़ा की जनता आपके साथ दीवार बन खड़ी रही। आपकी बनाई वह व्यवस्था आज भी अल्मोङा शहर में कायम है। आज आपकी बदौलत हल्द्वानी के सरकारी अस्पतालों मे यदि जनता को असुविधा हो रही है तो आपने शिकायत दर्ज करने हेतु नम्बर जारी किया है, जिसकी माॅनीटरिंग आपके स्वयं द्वारा की जा रही है , वाह ! आपने ही इंङेन गैस की चोरी , घटतोली , अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों के लिए भी नम्बर जारी किया है , कुमांऊ मंङल विकास निगम के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है , स्वयं निगरानी रख रहे हैं , वाह !

आगे पीछे कैमरा नहीं बल्कि साथ में होते हैं अफसर
- आप जब भी फील्ड मे निकलते है तो आपके एक आगे और एक पीछे कैमरा नहीं चलता। बल्कि आपके साथ जनता से जुङे सभी विभागों के अधिकारी साथ चलने हैं, जिससे जनता की समस्या का मौके पर ही समाधान हो सके। आपके दिनभर की कार्यशैली का अपडेट ऑनलाइन लाइक से नहीं हर पीङित और परेशान फरियादी के घर से दुआओं के रूप मे निकलता है। आपने पूरे जिले के सरकारी कार्यालयों का ङेकोरम मेन्टेन करवा दिया है। आपने सरकारी कर्मचारी की नजरों में आम आदमी की हैसियत बढ़ा दी है।

जनता की सेवा को हर पल रहते हैं तत्पर
आम जनता वर्तमान जिलाधिकारी से अपनी समस्या के समाधान के लिए बेखौफ मिल सकती है। पूर्व के जिलाधिकारियों द्वारा बनाऐ गये कैंपस में ना घुसने के भौकाल को भूल जाईऐ। यह जिलाधिकारी जानते हैं उनका फर्ज जनता की सेवा करना है।
- एक बहुत छोटी बात जिसका जिक्र कोई उपलब्धि नही दर्शाता लेकिन आपका व्यक्तित्व दर्शाता है - हल्द्वानी जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में कई दशकों से एक क्रेन नुमा गाङी इस्तेमाल नहीं होने के कारण सम्भवतः खराब होने कारण कैंपस में कूङा हो रही थी ,कई राजा ङीएम आऐ कई गये , लेकिन आपने आते ही उस क्रेन की जानकारी ली जब तक उस पर कुछ कार्यवाही नहीं हो जाती तब तक आपने उसे वाटरप्रूफ त्रिपाल, पाॅलीथीन से अच्छे से पान की तर्ज पर पैक करके किनारे रखवा दिया है। ( बात छोटी जरूर है ,पर हरकत बहुत बड़ी है )
( प्रत्यक्षम किम प्रमाणम - कोई भी फैन क्लब चलाने वाले महानुभाव कलक्ट्रेट और कैंप कार्यालय जाकर जनता का फीडबैक लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

-लेखक पत्रकार है। वे टीवी चैनल के लिए काम करते हैं।

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