बैठक लेते सीडीओ

एमएसवाई: सीडीओ ने पूछा लोन न देने का कारण, अब जूम एप से लगातार होगी समीक्षा

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल

अभियान चलाकर मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश
हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शुमार मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) में बैंकों के ढिलमुल रवैये के कारण पात्रों को समय पर ऋण की राशि नहीं मिल पा रही है। ऋण न दिए जाने या कम दिये जाने का स्पष्ट कारण भी लाभार्थियों को नहीं बताया जा रहा है। इस पर सीडीओ नरेंद्र सिंह भंडारी ने नाराजगी जताते हुए बैंक अफसरों को अभियान चलाकर योजना का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि अब एक दिन छोड़कर एमएसवाई की प्रगति की समीक्षा जूम ऐप के जरिए आनलाइन होगी। बैंकों से कहा गया है कि वे लोन न देने का कारण से डीआईसी के महाप्रबंधक को उपलब्ध कराएं।
मंगलवार को जिला सहकारी बैंक सभागार में मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विपिन कुमार ने बताया कि योजना में 250 लोगों को ऋण देने का लक्ष्य रखा है। अब तक 219 लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत किया गया है। जबकि 177 को ही लोन की राशि मिल पाई है। इससे सभी पात्र अपने व्यवसाय को समय पर सुचारु रूप से नहीं चला पा रहे हैं। इस पर सीडीओ भंडारी ने बैठक में मौजूद बैंक शाखाओं के प्रबंधकों, क्षे़ीय प्रबंधक और जिला समन्वयकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लक्ष्य समय पर पूरा करें जिससे कि योजना की सार्थकता बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि जो आवेदन अस्वीकृत किए जा रहे हैं उसका स्पष्ट कारण भी बताया जाए जिससे कि लाभार्थी कमियों को पूरा कर नए सिरे से आवेदन कर सकें।
इस दौरानलीड बैंक प्रबंधक एमएस जंगपांगी, सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीसी दुम्का, डीआईसी के प्रबंधक सुनील कुमार पंत, इंडियन ओवरसीज बैंक के ललित पंत, एएस कुटियाल, सुरेंद्र कुमार, वाईसी शर्मा, डीके दास, शुभम, एसएस सोनल, सुरभि कैड़ा, टीसी ढौंडियाल आदि मौजूद थे।

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