9,300 से 34,800 रुपये का वेतनमान और ग्रेड पे मिलेगा
नैनीताल। उत्तराखंड के सैकड़ों लैब टेक्नीशियनों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ’’उत्तराखंड हाईकोर्ट’’ ने एक अहम फैसले में राज्य सरकार को लैब टेक्नीशियनों को एक्स-रे टेक्नीशियन और डेंटल हाइजीनिस्ट के समान वेतनमान देने के निर्देश दिए हैं। आखिर क्या है पूरा मामला और किन कर्मचारियों को मिलेगा इसका फायदा, आइए जानते हैं।
नैनीताल स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत लैब टेक्नीशियनों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने कहा कि जब एक ही विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का कार्य समान प्रकृति का है, तो केवल पदनाम के आधार पर वेतनमान में भेदभाव करना उचित नहीं है। यह मामला कुसुम रावत और अन्य लैब टेक्नीशियनों की ओर से दायर याचिका से जुड़ा था। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि विभाग में कार्यरत एक्स-रे टेक्नीशियन और डेंटल हाइजीनिस्ट का वेतनमान पहले ही बढ़ाकर ’’9,300 से 34,800 रुपये, ग्रेड पे 4200’’ कर दिया गया था, लेकिन लैब टेक्नीशियनों को इस संशोधित वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि इससे पहले भी ’’पवन कश्यप’’ और ’’माधव प्रसाद डोभाल’’ से जुड़े मामलों में इसी प्रकार का फैसला दिया जा चुका है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार द्वारा इन फैसलों के खिलाफ दायर विशेष अपीलें भी पहले ही खारिज हो चुकी हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी याचिकाकर्ताओं को ’’15 अप्रैल 2010’’ से प्रभावी रूप से ’’9,300 से 34,800 रुपये के वेतनमान और ग्रेड पे 4200’’ का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही उन्हें सभी संबंधित वित्तीय लाभ और एरियर भी नियमों के अनुसार उपलब्ध कराए जाएं। हाईकोर्ट के इस फैसले को उत्तराखंड के लैब टेक्नीशियनों के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। अब सभी की नजर राज्य सरकार पर होगी कि वह अदालत के आदेश का पालन कितनी जल्दी करती है।

