देहरादून। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेशभर में चल रही शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में संचालित विकास कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।
बैठक में मंत्री ने वर्षाकाल को देखते हुए सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधूरे निर्माण कार्यों के कारण आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए तथा सड़क संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। राम सिंह कैड़ा ने रायपुर, बंजारावाला, नैनीताल, हल्द्वानी, टनकपुर, विकासनगर, किच्छा, कोटद्वार समेत अन्य शहरों में चल रही सीवर लाइन, पेयजल, सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बुनियादी सुविधाओं को सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से एशियन विकास बैंक (एडीबी), केएफडब्ल्यू (जर्मन बैंक) और यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) के सहयोग से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। ईआईबी के सहयोग से पिथौरागढ़, सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में विभिन्न विकास कार्य निर्माणाधीन हैं, जिनसे लगभग छह से सात लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।वहीं, केएफडब्ल्यू के सहयोग से ऋषिकेश में पेयजल व्यवस्था, तपोवन में स्ट्रीट लाइट और 24 ई-बसों के संचालन से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का शीघ्र लोकार्पण कराया जाए, ताकि जनता को इन विकास कार्यों का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं की नियमित निगरानी कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने जलागम विभाग द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने “पेड़ बचाओ अभियान” के तहत संतुलित और पर्यावरण अनुकूल विकास को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में सचिव नितेश झा, परियोजना निदेशक अभिषेक रोहिला, अपर परियोजना निदेशक विनय मिश्रा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

