लालकुआं पहुंचे विधायक कैड़ा

विधायक कैड़ा ने समझी रास्ते में फंसे पहाड़ के युवाओं की पीड़ा

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लालकुआं में पुलिस ने बस को तीन घंटे रोके रखा तो युवाओं ने लगाई थी गुहार
कुमाऊं जनसन्देश डेस्क
लालकुआं। लाकडाउन में गुजरात में फंस चुके पहाड़ के युवाओं को सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली तो उन्होंने आपस में रुपये जुटाए और एक लाख 75 हजार रुपये में बस बुक कराकर ओखलकांडा(नैनीताल) की ओर चल पड़े। मगर लालकुआं पुलिस ने उनकी बस को अनुमति न होने की बात कहकर जिले में प्रवेश नहीं करने दिया और बस को वापस गुजरात ले जाने की चेतावनी दे डाली। ऐसे में युवाओं की मदद को भीमताल क्षेत्र के विधायक राम सिंह कैड़ा ने बड़ी तत्परता दिखाई और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद बस पहाड़ के लिए रवाना कराई। पहाड़ आ रहे युवाओं ने विधायक का दिल से आभार जताया तो वहीं विधायक राम सिंह कैड़ा ने पुलिस के युवाओं के साथ इस तरह व्यवहार करने पर नाराजगी भी जताई है। बहरहाल क्षेत्रीय विधायक कैड़ा ने सार्थक प्रयासों से रास्ते में फंसे युवा अपने गांव पहुंच चुके हैं।
दरअसल, गुजरात के केवड़िया से गत आठ मई को नैनीताल और चंपावत जनपद के 48 युवाओं को लेकर एक बस एक लाख 75 हजार रुपए में बुक होकर चली जो कि टनकपुर में 28 यात्रियों को छोड़ने के बाद सोमवार की प्रातः साढे 11 बजे जैसे ही नैनीताल जनपद के बॉर्डर पर पहुंची तो कोतवाल सुधीर कुमार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने उक्त बस को रोक दिया। बस में सवार युवकों ने पुलिस से उन्हें जाने देने का निवेदन किया परंतु पुलिस का कहना था कि उनके पास नैनीताल जनपद में घुसने की अनुमति नहीं है, जिसके चलते उन्हें नैनीताल जनपद के भीतर नहीं जाने दिया जा सकता है। साढे 11 बजे बॉर्डर पर पहुंचे युवाओं को रुके हुए 3 घंटे का समय हुआ तो ढाई बजे मौके पर पहुंचे भीमताल के विधायक रामसिंह कैड़ा ने पहाड़ के युवाओं को ला रही बस को रोके जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। तथा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। तथा दोपहर 3 बजे वह बस को लेकर हल्द्वानी की ओर को रवाना हो गये। ओखल कांडा को जा रहे उक्त युवाओं में से गोवर्धन सिंह रावत ने बताया कि गुजरात से आनन-फानन में वह लोग थोड़ा पानी व रास्ते के लिए कुछ खाना लेकर चले थे। परंतु रास्ते में कहीं भी उन्हें कोई ढाबा या दुकान नहीं मिली जिसके चलते अधिकांश युवाओं को भूखे रहना पड़ा है। इस दौरान कोतवाल सुधीर कुमार का कहना था कि गुजरात से आई उक्त बस के पास जनपद में घुसने का अनुमति पत्र नहीं था। जिसके चलते उन्होंने बस को रोक लिया।

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