बेरीनाग में वृ़द्धा को डोली में लाते ग्रामीण

कब तक चारपाई और डोली के सहारे रहेगा पहाड़ का मरीज, क्यों बेखबर हैं सांसद और मंत्री

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल पिथौरागढ़

कुमाऊं जनसंदेश डेस्क
हल्द्वानी। तमाम दावों के बाद भी पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधा बदतर है। वहीं कई गांव आज भी सड़क से वंचित हैं। यह प्रदेश के किसी एक गांव, ब्लाक जिले की समस्या नहीं है बल्कि कई स्थानों पर आए दिन मरीजों को सड़क और स्वास्थ्य सुविधा न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। राज्य बने 19 साल होने को हैं मगर सांसद और मंत्री दावों और घोषणाओं के बाद भी ग्रामीणों को सड़क और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा दिलाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। सोमवार को भी बेरीनाग और भीमताल से दो इस तरह की खबरें सामने आई जब मरीजों को डोली के सहारे अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

मरीज को चारपाई पर रखकर सड़क तक पहुंचाते ग्रामीण
मरीज को चारपाई पर रखकर सड़क तक पहुंचाते ग्रामीण

सड़क तक पहुंचने के लिए नापनी पड़ी कई किमी खड़ी चढ़ाई
बेरीनाग। इलाज के लिए जड़ी और नदी के गंगलोड़े पत्थर बताने वाले सांसद, मंत्री हालात से बेखबर हैं। उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले के अंतिम गांव पौंसा में वृद्ध महिला छत से गिर गई। सुबह नौ बजे गिरी 65 वर्षीय खिमुली देवी को दोपहर बाद अस्पताल पहुंचाया जा सका। इस गांव से बेरीनाग अस्पताल आठ किलोमीटर दूर है। सड़क तक पहुंचने के लिए तीन-चार किलोमीटर खड़ी चढ़ाई पैदल नापनी पड़ती है।
गांवों में अब युवा भी नहीं हैं। बीमार और प्रसव पीड़ित महिलाओं को बुजुर्ग ही डोली और लकड़ियों पर बांध कर ले जाते हैं। इस बुजुर्ग महिला को इतनी चोट आई कि आधे दिन तक खून बहता रहा। उनके सिर में 40 टांके लगे। हाथ और पैर भी फैक्चर है। सीएचसी में कोई व्यवस्था नहीं है। मरहम-पट्टी के बाद महिला को हायर सेंटर रिफर कर दिया गया। दूर शहरों के अस्पताल तक ले जाना परिजनों के बस की बात नहीं।
सड़क के लिए ग्रामीण चुनावों का बहिष्कार भी कर चुके पर अभी तक सड़क नहीं बनी। खेती की उपज बाजार तक पहुंचाना भी मुश्किल, बाजार से सामान लाना भी कठिन, रोजगार का कोई साधन नहीं। इन गांवों में इंटर के बाद अब युवा नहीं टिकते।

मलुवाताल में भी मरीज को चारपाई पर रखकर लाए ग्रामीण

भीमताल। जिला मुख्यालय के करीब के ब्लाक भीमताल के मलुवाताल क्षेत्र में भी सड़क सुविधा से ग्रामीण वंचित हैं। बीमार होने पर मरीज को कुर्सी व चारपाई में नजदीकी सड़क मार्ग तक लाना ग्रामीणों की मजबूरी है। पूर्व प्रधान लक्ष्मण सिंह गंगोला ने बताया कि सोमवार को गांव के बुजुर्ग जैत सिंह (70) को हार्ट अटैक की शिकायत हुई। गांव में सड़क नहीं होने से उन्हें बालम सिंह, देव सिंह, राजेंद्र सिंह, शेर सिंह, कुंवर सिंह आदि ग्रामीण पांच किमी चारपाई में बांधकर पैदल मुख्य सड़क तक लाये। उसके बाद उन्हें वाहन से हल्द्वानी भेजा गया है। बताया ग्रामीण प्रशासन से लगातार गांव में सड़क की मांग कर रहे हैं, मगर कोई सुनने वाला नहीं है।

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