dto kirti arya नैनीताल जिले में विकसित होंगे नए पर्यटन स्थल, तैयारी में जुटा विभाग

नैनीताल जिले में विकसित होंगे नए पर्यटन स्थल, तैयारी में जुटा विभाग

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अवैध होम स्टे और पीजी संचालकों पर कसेगा शिकंजा
नैनीताल। नैनीताल में पर्यटन को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। एक ओर शहर पर बढ़ते पर्यटकों के दबाव को कम करने के लिए बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को नए पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा, तो दूसरी ओर अवैध होमस्टे और पीजी संचालकों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। नवनियुक्त जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या ने सोमवार को कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उन्होंने कहा कि नैनीताल शहर में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के कारण दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसे कम करने के लिए अब शहर के आसपास के ग्रामीण और अनछुए क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर लाया जाएगा।

पूर्व साहसिक खेल अधिकारी रह चुके कीर्ति चंद्र आर्या ने कहा कि जिले में ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों को नए अनुभव मिलेंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि ष्हमारी प्राथमिकता नैनीताल के आसपास नए पर्यटन स्थलों का विकास करना है। साथ ही एडवेंचर टूरिज्म और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इधर पर्यटन विभाग ने अवैध होमस्टे और पेइंग गेस्ट यानी पीजी संचालकों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। कैंची धाम, भीमताल, भवाली, मुक्तेश्वर और रामगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे प्रतिष्ठानों की गोपनीय सूची तैयार की जा रही है। विभाग के अनुसार कई स्थानों पर बिना पुलिस सत्यापन और फायर सेफ्टी मानकों के होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ लोग आवासीय भवनों को होमस्टे दिखाकर बड़े होटलों की तरह लीज पर संचालित कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है। नवनियुक्त जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या ने कहा कि ष्जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जो संचालक मानकों को पूरा करेंगे, उनका पंजीकरण कराया जाएगा, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ सीलिंग और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन विभाग का मानना है कि नए पर्यटन स्थलों के विकास और अवैध गतिविधियों पर अंकुश से नैनीताल का पर्यटन उद्योग अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

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