महिलाओं को मिले प्रमाण-पत्र; स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
हल्द्वानी। महिला एवं पिछड़ा वर्ग सहकारी समिति द्वारा National Bank for Agriculture and Rural Development के सहयोग से संचालित एलईडीपी (LEDP) एम्ब्रॉयडरी एप्लीक वर्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह मंगलवार को दमुवाढूंगा स्थित जय गोल्ज्यू बैंक्वेट हॉल में उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम के साथ नाबार्ड स्थापना दिवस भी धूमधाम से मनाया गया।

समारोह में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) मुकेश बेलवाल,दमुवाढूंगा क्षेत्र की Nainital Bank के अधिकारियों, समिति के पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार त्रिपाठी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाली सभी प्रशिक्षार्थी महिलाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। अपने संबोधन में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल ने नाबार्ड की स्थापना, उद्देश्यों तथा ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से की गई थी।
समिति अध्यक्ष सायमा हुसैन ने बताया कि प्रशिक्षार्थी महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। नैनीताल बैंक के अधिकारियों ने महिलाओं को विभिन्न स्वरोजगार एवं ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए बैंकिंग सेवाओं से जुड़कर अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
समिति की सचिव निर्मला दरमवाल ने कहा कि नाबार्ड के सहयोग से संचालित यह एलईडीपी प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

