1 पर्यावरण हितैषी नवाचारों पर कार्य करने की आवश्यकता, पंत विवि में नॉर्थ जोन अन्वेषण 2025 का भव्य समापन

पर्यावरण हितैषी नवाचारों पर कार्य करने की आवश्यकता, पंत विवि में नॉर्थ जोन अन्वेषण 2025 का भव्य समापन

उत्तराखण्ड ऊधमसिंह नगर ताजा खबर नैनीताल
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पर्यावरणविद् प्रसाद ने छात्रों की जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया
पंतनगर। पंत विश्वविद्यालय में भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) एवं पंत कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में नॉर्थ जोन अन्वेषण 2025 का समापन समारोह गांधी हाल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डा.) मनमोहन सिंह चौहान, विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डा. ओपीएस नेगी तथा अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरणविद् विनोद प्रसाद जुगलन के साथ एआईयू के संयुक्त निदेशक (शोध) डा. अमरेन्द्र पाणि, कुलसचिव एवं जोनल कोऑर्डिनेटर डा. दीपा विनय तथा अधिष्ठाता कृषि व्यवसाय प्रबंधन एवं जोनल को-कोऑर्डिनेटर डा. आरएस जादौन सहित विभिन्न निर्णायक मंडलों के सदस्य, अधिष्ठाता, निदेशकगण, समन्वयक, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, विद्यार्थी तथा देशभर के विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् जुगलन विनोद प्रसाद ने छात्रों की विविध भागीदारी की सराहना करते हुए अंतर्विषयक शोध को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि नवाचार तब उभरता है जब छात्र नए प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित होते हैं। अन्वेषण जैसे आयोजन जिज्ञासा को बढ़ाते हैं और युवा शोधकर्ताओं को उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने पर्यावरणीय स्थिरता को आज के शोध का अनिवार्य तत्व बताते हुए जलवायु संवेदनशील तकनीकों और पर्यावरण हितैषी नवाचारों पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया तथा जल संरक्षण की अपील की।

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कुलपति प्रोफेसर (डा.) मनमोहन सिंह चौहान ने शोध और नवाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अन्वेषण युवाओं को खोज, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए एक गतिशील मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि देश के युवा वैज्ञानिक शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं, जिससे 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूती मिलती है। पूर्व कुलपति डा. ओपीएस नेगी ने रचनात्मकता और मौलिकता को बढ़ावा देने में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं शोधार्थियों का है जो पारंपरिक सीमाओं से परे सोचते हैं। एआईयू के संयुक्त निदेशक (शोध) डा. अमरेन्द्र पाणि ने विश्वविद्यालय द्वारा किये गये उत्कृष्ट आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान दिवस के अवसर पर डा. दीपा विनय द्वारा संविधान की शपथ दिलाने से हुई। कार्यक्रम में टर्निटिन सॉफ्टवेयर पर चेताली शर्मा ने एक विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें शैक्षणिक ईमानदारी, साहित्यिक चोरी की पहचान तथा डिजिटल उपकरणों के माध्यम से शोध गुणवत्ता में सुधार पर विस्तृत जानकारी दी गई। समारोह का मुख्य आकर्षण ‘स्कॉलरी रिसर्च बुक’ का विमोचन रहा, जिसमें सम्मेलन के दौरान किए गए शैक्षणिक योगदान संकलित हैं।
कार्यक्रम में छह थीम कृषि विज्ञान एवं संबद्ध विषयों सोशल साइंस, ह्यूमिनिटीज, बिजनेस मैनेजमेंट एवं लॉ, इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च; इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, हेल्थ साइंस एंड एलाइड साइंस, बेसिक साइंस के कुल 18 विजेता टीमों की घोषणा की गयी। उत्तर भारत के 120 से अधिक टीमों ने इस प्रतियोगिता में ऑनलाइन/ऑफलाइन माध्यमों में प्रतिभाग कर अनुसंधान परियोजनाएं प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान एवं संबद्ध विषयों के थीम समन्वयक अधिष्ठाता कृषि डा. सुभाष चन्द्र ने बताया कि लगभग 25 से अधिक प्रतिभागी टीमों ने भाग लिया जिसमें प्रथम पुरस्कार लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, द्वितीय पुरस्कार बैनेट यूनिवर्सिटी एवं दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट तथा तृतीय पुरस्कार शारदा यूनिवर्सिटी ने प्राप्त किया। सोशल साइंस, ह्यूमिनिटीज, बिजनेस मैनेजमेंट एवं लॉ की थीम समन्वयक अधिष्ठात्री सामुदायिक विज्ञान डा. अल्का गोयल ने बताया कि लगभग 15 से अधिक टीमों ने भाग लिया जिसमें प्रथम पुरस्कार शारदा यूनिवर्सिटी, द्वितीय ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी और तृतीय पंत कृषि विश्वविद्यालय ने प्राप्त किया। इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च के थीम समन्वयक अधिष्ठाता स्नातकोत्तर डा. लोकेश वाष्र्णेय ने बताया कि लगभग 20 से अधिक टीमों ने प्रतिभाग किया जिसमें प्रथम पुरस्कार एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा, द्वितीय इंटीग्रल यूनिवर्सिटी तथा तृतीय दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट ने प्राप्त किया। इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी के थीम समन्वयक अधिष्ठाता प्रौद्योगिकी महाविद्यालय डा. एस.एस. गुप्ता ने बताया कि लगभग 22 से अधिक प्रतिभागी टीमों ने भाग लिया जिनमें प्रथम पुरस्कार स्वामी विवेकानन्द सब्भारती यूनिवर्सिटी, मेरठ, द्वितीय पंत कृषि विश्वविद्यालय तथा तृतीय एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा को मिला। हेल्थ साइंस एंड एलाइड साइंस के थीम समन्वयक अधिष्ठाता पशुचिकित्सा एवं पशुविज्ञान डा. ए.एच. अहमद ने बताया कि लगभग 18 से अधिक प्रतिभागी टीमों ने भाग लिया जिनमें प्रथम पुरस्कार गुरु काशी यूनिवर्सिटी, द्वितीय श्री गुरु गोविंद सिंह त्रिसेंटेनरी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम और तृतीय पंत कृषि विश्वविद्यालय ने प्राप्त किया तथा बेसिक साइंस के थीम समन्वयक अधिष्ठाता विज्ञान एवं मानविकी डा. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि लगभग 20 से अधिक प्रतिभागी टीमों ने भाग लिया जिनमें प्रथम पुरस्कार लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, द्वितीय श्री गुरु गोविंद सिंह त्रिसेंटेनरी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम, तथा तृतीय बेनेट यूनिवर्सिटी को मिला। इसके अतिरिक्त सभी थीम समन्वयकों एवं थीम को-कोऑर्डिनेटरों को अतिथियों ने सम्मानित किया। समारोह के अंत में डा. आर.एस. जादौन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा बताया कि 18 विजेता टीम अब अन्तर्राष्ट्रीय अन्वेषण 2025 में उत्तर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी। कुलपति प्रोफेसर (डा.) मनमोहन सिंह चौहान ने सम्मेलन के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का सफल संचालन एसबीआई पंतनगर, बीआईएस, पंतनगर, 4ए पंतनगर, उत्तराखण्ड बायोटेक काउंसिल तथा टर्निट टीम के सहयोग से किया गया।

ई. मेल चित्र सं. 1. कार्यक्रम में संविधान दिवस पर शपथ ग्रहण करते विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान एवं अन्य अतिथिगण।
ई. मेल चित्र सं. 2. कार्यक्रम में संबोधित करते अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरणविद् श्री विनोद प्रसाद जुगलन।
ई. मेल चित्र सं. 3. कार्यक्रम में संबोधित करते विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान।
ई. मेल चित्र सं. 4. कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते विश्वविद्यालय के कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान एवं अन्य अतिथिगण।
ई. मेल चित्र सं. 5. कार्यक्रम में विजयी टीम के प्रतिभागियों को सम्मानित करते अतिथिगण।

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