हल्द्वानी। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू), हल्द्वानी को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। विश्वविद्यालय के कंप्यूटर आईटी विभाग में सहायक निदेशक अनुराग भट्ट तथा स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज के निदेशक प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट को उनके अभिनव नवाचार “कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित हृदय रोग जोखिम दृश्यांकन एवं विश्लेषण प्रणाली” के लिए भारत सरकार द्वारा डिज़ाइन पेटेंट प्रदान किया गया है।
यह पेटेंट डिज़ाइन्स एक्ट, 2000 एवं डिज़ाइन्स नियम, 2001 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त डिज़ाइन का पंजीकरण डिज़ाइन संख्या 498410-001 के तहत 13 अप्रैल 2026 को श्रेणी 24-01 में किया गया, जबकि इसकी प्रमाणन तिथि 11 जून 2026 निर्धारित की गई है।
यह अभिनव प्रणाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उन्नत डेटा विज़ुअलाइजेशन तकनीकों की सहायता से हृदय रोग से संबंधित जोखिमों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के साथ-साथ उनका स्पष्ट दृश्य प्रस्तुतीकरण भी उपलब्ध कराती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नवाचार एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल हेल्थकेयर तथा चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस पेटेंट में अनुसंधान दल के रूप में अनुराग भट्ट एवं प्रो. आशुतोष कुमार भट्ट के नाम शामिल हैं। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी, पत्रकारिता विभाग के निदेशक प्रो. राकेश रयाल, प्रो. जीतेंद्र पाण्डे, कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट सहित विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षाविदों एवं सहकर्मियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए दोनों वैज्ञानिकों को बधाई दी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान की शोध एवं नवाचार परंपरा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि इस प्रकार के अनुसंधान न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वास्थ्य एवं तकनीकी क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं।

