नैनीताल/देहरादून। ग्राम सतोली, नैनीताल में स्थित आरोही संस्था पिछले 34 वर्षों से कुमाऊं मंडल के पाँच जनपदों में स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और पर्यावरण के क्षेत्र में निरंतर सेवाएं प्रदान कर रही है। अब संस्था अपनी गतिविधियों का विस्तार करते हुए गढ़वाल मंडल में भी पहली बार अपनी सेवाओं की शुरुआत करने जा रही है।
यह कार्य जर्मन सोसाइटी फॉर इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन (GIZ) के सहयोग से किया जाएगा। इस पहल के तहत भारत में एन.डी.सी. (नेशनल डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशन) के क्रियान्वयन के लिए वन एवं वृक्ष आच्छादन की पुनर्स्थापना, संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
इसी क्रम में 07 अप्रैल 2026 को वन भवन, देहरादून में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) की अध्यक्षता में जीआईजेड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में आरोही संस्था ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में गढ़वाल मंडल के दो विकासखंडों में परियोजना के तहत कार्ययोजना तैयार करने और संस्था की उपस्थिति दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस परियोजना में हार्क (HARC) और सिडार (CEDAR) संस्थाएं भी सहयोगी संस्थाओं के रूप में कार्य कर रही हैं। इन संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर परियोजना के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार मुख्य कार्यकारी संस्था के रूप में शामिल रहा। देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम में आरोही संस्था की ओर से डॉ. नारायण सिंह, श्री नरेंद्र सिंह बिष्ट और डॉ. रिपू दमन सिंह उपस्थित रहे।
इस पहल के माध्यम से गढ़वाल क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

