हल्द्वानी। पहाड़ से प्रकाशित होने वाले प्रमुख पंचांगों के संपादकों ने रविवार को पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच के संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर के आवास में बैठक कर मौजूदा परिस्थितियों पर गंभीर चिंता जताई। संपादकों का कहना है कि पंचांगों के वर्चस्व और मान्यता को लेकर कुछ लोग उन्हें लगातार डरा धमका रहे है, यहाँ तक कि पुश्तैनी कुलपुरोहिती छोडऩे तक का दबाव बनाया जा रहा है। तारा प्रसाद दिव्य पंचांग के प्रधान सम्पादक आचार्य डॉ. रमेश चंद्र जोशी ने कहा विगत दिनों कुछ लोगों ने दीपावली 20 को होगी कर एक मुहिम चलाई थी, जब उन्होंने पंचांगों का हवाला देते हुए 21 नवंबर की दीपावली होने की बात कही तो कुछ लोग उनके खिलाफ हो गए। व्यक्तिगत एवं नोटिस आदि देकर डराया जा रहा है।
प्रचलित पंचांग राम दत्त जोशी के वंशज प्रद्योत जोशी ने कहा कि पहाड़ के पंचांग अल्मोड़ा कटारमल सूर्य मंदिर को केंद्र बिंदु सूर्योदय मानकर बने है जिसकी गणना सत्य एवं सटीक है। ज्योतिषविद एवं धर्मज्ञ बेरीनाग पंडित जीवन चंद्र पंत ने कहा कि कुछ लोग पंचांगों का सॉफ्टवेयर तैयार कर भारत के पुराने प्रचलित पंचांगों का अस्तित्व मिटाना चाहते है, जबकि उनको पंचांगों की एबीसीडी नहीं आती, दुबई में बैठकर काम कर रहे है।
गणेश मार्कण्ड पंचांग के दीपक जोशी ने कहा कि कुछ लोग पुराने पंचांगों की नकल कर अपना पंचांग बनाकर तिथि त्यौहार में विवाद की स्थिति पैदा कर रहे है। मंच कस संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर ने कहा कि शीघ्र हल्द्वानी में स्थानीय पंचांगों कुल पुरोहितों का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आम राय से भविष्य के निर्णय लिए जाएंगे। कुछ लोग तिथि त्यौहार भी शक्ति परीक्षण के रूप बना रहे है।
