पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का हुआ सम्मान, कुमाऊं की वीरगाथा और सैनिकों के अदम्य साहस को किया गया नमन
हल्दूचौड़। माँ वैष्णो बैंक्वेट हॉल, हल्दूचौड़ में मंगलवार को पूर्व सैनिकों की ओर से कुमाऊं दिवस एवं पैदल सेना दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में कुमाऊं की गौरवशाली सैन्य परंपरा, वीरता और राष्ट्रसेवा में सैनिकों के योगदान को याद करते हुए पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि मेजर जनरल इंदर सिंह बोरा रहे। समारोह में सैन्य एवं पूर्व सैनिक समुदाय से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं की धरती वीरता, शौर्य और बलिदान की गौरवशाली परंपरा के लिए जानी जाती है। कुमाऊं रेजिमेंट के जवानों ने विभिन्न मोर्चों पर अदम्य साहस और समर्पण का परिचय देकर देश का मान बढ़ाया है। सैनिकों के साथ उनके परिवारों और विशेष रूप से वीर नारियों के त्याग एवं योगदान को भी नमन किया गया।
समारोह में पूर्व सैनिक एवं नगर पंचायत अध्यक्ष लालकुआं सुरेंद्र सिंह लोटनी की ओर से पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। वीर नारियों के त्याग, धैर्य और राष्ट्रसेवा में उनके परिवारों के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया।
वहीं 16 कुमाऊं के ऑनरी कैप्टन राजेंद्र जलाल को पांच राष्ट्रपतियों से सम्मान प्राप्त होने के गौरवपूर्ण अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके अलावा आनंद सिंह काराकोटी, रामनगर को भी गौरव सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में रामनगर से अध्यक्ष कुशाल सिंह रावत एवं योगेंद्र सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने सहभागिता की।
समारोह में कैप्टन मदन सिंह राठौड़ एवं कैप्टन पुष्कर सिंह भंडारी सहित अनेक सैन्य अधिकारी एवं पूर्व सैनिक मौजूद रहे। इनमें मेजर कुंवर सिंह, सूबेदार कुंवर सिंह, कैप्टन कविंद्र सिंह, सूबेदार राम सिंह, कैप्टन कृपाल सिंह, हल्दर प्रकाश चंद, कैप्टन खिलाफ सिंह धुन, कैप्टन प्रकाश चंद्र, हवलदार क्लास बिरयानी, एसएम हवलदार शेखर उप्रेती, एसएम कैप्टन हरिकिशन साहब, कैप्टन धर्म सिंह रमोला, हलदार नंदन राणा, नायक गोपाल नेगी, नायक भुवन भट्ट तथा नायक हरीश डसीला शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। उनकी गौरवशाली विरासत और राष्ट्रसेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम के माध्यम से पूर्व सैनिकों ने आपसी एकता, भाईचारे और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

