
भीमताल। पहाड़ों में आई आपदा ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, कहीं पेयजल लाइनें टूट गई हैं और कई परिवारों के सामने अपने आशियाने को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। इसी बीच कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने भीमताल विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया।
मंत्री कैड़ा पदमपुरी, सरना, हरिनगर, गुनियालेख, पलड़ा, च्यूरीगढ़, कसानी, पुटगांव, पोखरी, टपूवा, बबियाड़, दुदली और अमदो समेत कई गांवों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर देखा कि आपदा ने किस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, मकान, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्रभावित किया है।
दौरे के दौरान कई प्रभावित ग्रामीणों ने मंत्री के सामने अपनी परेशानियां रखीं। किसी ने क्षतिग्रस्त सड़क की समस्या बताई तो किसी ने मकान को हुए नुकसान और भविष्य में बने खतरे की चिंता जताई। मंत्री ने ग्रामीणों की बातें सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि मुश्किल की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि आपदा से हुए नुकसान का बारीकी से सर्वे और आकलन किया जाए। जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं या जिन्हें नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा और राहत दिलाने की कार्रवाई तेजी से की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सिर्फ नुकसान का आकलन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी व्यवस्थाओं को भी जल्द बहाल किया जाए। क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों की मरम्मत, पेयजल लाइनों को दुरुस्त करने और विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए।
कई जगहों पर मकानों के लिए खतरा बना होने को देखते हुए मंत्री ने आपदा मद से सुरक्षात्मक कार्य कराने पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मंत्री कैड़ा ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों तक सरकारी मदद समय पर पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
इस दौरान उपजिलाधिकारी धारी समेत लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत, कृषि, उद्यान, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारी तथा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

