देहरादून। उत्तराखंड के ग्राम्य विकास अधिकारियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ग्राम्य विकास अधिकारियों यानी वीडीओ को पूरे सेवा काल में एक बार अंतरजनपदीय तबादले का मौका देने की तैयारी कर रही है। विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
वर्तमान में ग्राम्य विकास अधिकारी जिला कैडर के अंतर्गत आते हैं। इसका मतलब है कि जिस जिले में उनकी नियुक्ति होती है, उन्हें उसी जिले में अपनी सेवाएं देनी पड़ती हैं और दूसरे जिले में तबादला नहीं हो सकता। राज्य में ग्राम्य विकास अधिकारियों के करीब एक हजार पद सृजित हैं, जबकि वर्तमान में लगभग सात सौ अधिकारी कार्यरत हैं। लंबे समय से विशेषकर दुर्गम जिलों में तैनात अधिकारी दूसरे जिलों में स्थानांतरण की मांग कर रहे थे।
इसी मांग को देखते हुए ग्राम्य विकास विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। प्रस्ताव के तहत प्रत्येक वीडीओ को अपने पूरे सेवा काल में एक बार अंतरजनपदीय तबादले का अवसर दिया जा सकता है। इसके लिए इच्छुक अधिकारियों से विकल्प भी मांगे जाएंगे। ग्राम्य विकास मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि ग्राम्य विकास अधिकारियों की ओर से लंबे समय से दूसरे जिलों में तैनाती की मांग की जा रही है। कार्मिक और वित्त विभाग से अनुमोदन मिलने के बाद प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा।
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है तो प्रदेश के सैकड़ों ग्राम्य विकास अधिकारियों को अपने पसंदीदा जिले में स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। खासकर दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। अब सभी की नजरें कार्मिक और वित्त विभाग की मंजूरी तथा कैबिनेट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव को कब तक हरी झंडी देती है।
