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पहाड़ी उत्पादों को मुंह मांगा दाम दिलाएंगी विदेशी मशीनें

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पहाड़ के किसानों को मंडी बोर्ड करेगा मालामाल, रुद्रपुर में होगी पहाड़ी उत्पादों की प्रोसेसिंग
पूरे देश में इस तरह का है पहला प्रोसेसिंग प्लांट
विनोद पनेरू, हल्द्वानी। अब पर्वतीय क्षेत्रा के किसानों को पारंपरिक उत्पादों की बिक्री या कम दाम मिलने की फ्रिक की जरुरत नहीं है। मंडी विपणन बोर्ड उन्हें पहाड़ पर रहकर ही मालामाल करने की कोशिश में जुटा है। उत्तराखंड कृषि उत्पादन व विपणन बोर्ड उत्तराखंड के रुद्रपुर में पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग एवं प्रोसेसिंग के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी लगभग पूरी कर चुका है। खास बात यह है कि यह प्लांट देश का इस तरह का पहला प्रोसेसिंग प्लांट है। अक्टूबर से प्लांट सुचारु रूप से काम करने लगेगा। मल्टी ग्रेन क्लीनिंग एंड ड्राइंग प्लांट की क्षमता दो टन प्रति घंटा की दर से प्रोसेसिंग की है।
विदेशी मशीनें उत्तराखंड के किसानों को मालामाल करने में मददगार बनेंगी। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड पहाड़ के किसानों के घर बैठे ही उत्पाद का उचित दाम मिलने के सपने को पंख लगाने जा रहा है। इसके लिए उत्तराखंड के रुद्रपुर में मंडी विपणन बोर्ड देश के पहले प्रोसेसिसंग प्लांट की स्थापना की तैयारी में जोरशोर से जुटा है। मंडी बोर्ड का प्रयास है कि किसानों को पारंपरिक उत्पादों की बिक्री या उचित दाम न मिलने की वजह से पलायन करने पर मजबूर न होना पड़े। उन्हें पारंपरिक खेती से जोड़े रखने, उचित दाम व उत्पाद की बिक्री में सहायक बनने के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस प्लांट में  उत्पाद के शार्टिंग, ग्रेडिंग, कलर शार्टिंग, डि स्टोनिंग आदि की बेहर सुविधा मिलेगी। इस प्लांट के लिए जर्मनी, स्विटरलैंड, चीन से मशीनें मंगाई गई हैं। अक्टूबर से प्लाट सुचारु रूप से काम करने लगेगा। इसके साथ ही राज्य अपने उत्पादों की ब्रांडिंग देश के अलावा विदेशों में भी करने लगेगा। प्लंाट में पारंपरिक उत्पाद जैसे राजमा, सोयाबीन, गहत, भटट,रामदाना, झिंगूरा, मडुवा सहित अन्यय उत्पादों की शार्टिंग, ग्रेडिंग व कलर शार्टिंग की जाएगी। मंी का यह भी प्रयास है कि क्षेत्रा की विशेषता के अनुसार भी उत्पादों की ब्रांडिंग की जाएगी। जैसे की मुनस्यारी की राजमा, चैदास का राजमा या चमोली, हर्षिल का राजमा या दार्मा की पलती आदि को क्षेत्रा के अनुसार ब्रांड किया जा सकेगा।  उत्तराखंड को कोई भी काश्तकार, समूह या व्यापारी पारंपरिक उत्पादों की प्रोसेसिंग अब मंडी के इस प्लांट में करा सकेगा। इससे तय है कि मंडी के इस प्रयास से किसानों का रुझान पारंपरिक खेती की ओर बढ़ सकेगा। साथ ही उन्हें वाजिफ दाम भी आसानी से मिल सकेंगे।
पारंपरिक उत्पादों की ब्रांडिंग कर दिलाएंगे वाजिफ दाम: गब्र्याल
हल्द्वानी। उत्तराखंड कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक धीराज सिंह गब्र्याल का कहना है कि पारंपरिक उत्पादों का अलग ही महत्व है। ये पौष्टिकता से भरपूर होते हैं। किसानों के पारंपरिक उत्पादों की बिक्री बढ़ाने व उचित दाम दिलाने के लिए मंडी बोर्ड रुद्रपुर में देश का पहला ऐसा प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा मेें तेजी से कार्य कर रहा है। विदेशों से मंगाई गई मशीनों से पारंपरिक उत्पादों की प्रोसेसिंग की जाएगी जिससे उत्पाद को ब्रांड के रूप में तैयार कर उचित दाम तो दिलाया ही जा सके। साथ ही उसकी मांग भी बढ़ सके। अक्टूबर तक प्लांट तैयार हो जाएगा।

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