हल्द्वानी। श्री विक्रम सम्वत 2081 29 मार्च को समाप्त हो जाएगा। 30 मार्च से श्री विक्रम सम्वत 2082 शुरू होने के साथ ही हिन्दू नववर्ष का प्रारम्भ होगा। इस दिन चैत्र की 17 गते और शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है। हिन्दू नववर्ष के तहत शुरू हो रहे नवसम्वतसर का नाम सिद्धार्थी है। इस वर्ष राजा और मंत्री दोनों ही सूर्य हैं। इसी दिन हरेला बोने का भी दिन है। ज्योतिष त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सूर्याेदय से दोपहर 12ः 50 बजे तक है। बताया कि नवरात्र जप, अनुष्ठान, पूजा-पाठ ग्रह पूजन शुभ रहता है। इस दौरान मुंडन, नूतन, गृहप्रवेश नहीं करना चाहिए। जिन राशियों पर ग्रहों का विपरीत प्रभाव पड़ रहा हो वे ज्योतिषाचार्यों से जानकारी लेकर उपाय कर सकते हैं।
नव संवत्सर का राशियों पर प्रभाव
वृष राशि में पारिवारिक कलह, अशांति, साहस में वृद्धि, मिथुन में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना, कर्क में राज्य लाभ व्यवसाय में उन्नति, सिंह में स्वास्थ्य दृष्टिकोण से वर्ष साधारण, भूमि, भवन का लाभ, कन्या में घर परिवार में प्रगति के अवसर, स्वास्थ्य प्रतिकूल रहेगा। तुला में घर परिवार में सुख शांति, मित्र वर्ग से धोखा, वृश्चिक में घर-परिवार में अशांति, स्वास्थ्य का ध्यान रखें, धनु में शिक्षा संतान विषयक मामलों में शुभ, भूमि, भवन और वाहन के मामलों में वर्ष लाभदायक रहेगा। मकर में शनि की साढ़ेसाती समाप्त, स्वास्थ्य और व्यावसायिक मामलों में शुभ, कुंभ में साढ़ेसाती अंतिम चरण में, लंबे समय से रुके काम बनेंगे, शनिदेव का आशीर्वाद रहेगा और मीन राशि में पूर्वार्ध में स्वास्थ्य संबंधी चिंता, संपत्ति मामलों में सावधानी बरतें।

