8HLD7 आम्रपाली विश्वविद्यालय में उत्तराखंड की लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव

आम्रपाली विश्वविद्यालय में उत्तराखंड की लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव

उत्तराखण्ड एजुकेशन/कोचिंग ताजा खबर नैनीताल
खबर शेयर करें

राज्य स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

हल्द्वानी:  राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आम्रपाली विश्वविद्यालय में शनिवार को विविध सांस्कृतिक और प्रतियोगी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और भाषा को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के पहले चरण में विद्यार्थियों ने उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देकर अपनी ज्ञानवर्धक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। दूसरे चरण में, प्रतिभागियों ने राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर अपने विचार व्यक्त किए। तीसरे चरण में पेंटिंग, रंगोली, और ऐपण प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

खानपान प्रतियोगिता में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन जैसे गहत की टिक्की, भट्ट की चुड़कानी, पालक का कापा, मडुवे की रोटी और झिंगोरे की खीर की महक ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की विशिष्ट पोशाकों में मंच पर जलवा बिखेरा। समूह नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राज्य के पारंपरिक नृत्यों की खूबसूरती का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के निर्णायक मंडल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेताओं का चयन किया।

क्विज प्रतियोगिता में तकनीकी और कंप्यूटर विभाग के भावेश, स्वाति और योगेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि भाषण प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग के राकेश जोशी ने बाजी मारी। पेंटिंग, रंगोली एवं ऐपण प्रतियोगिता में अनुप्रयुक्त विज्ञान विभाग की किरण, पल्लवी और प्रियांशी ने शीर्ष स्थान हासिल किया। खानपान प्रतियोगिता में होटल प्रबंधन विभाग के राहुल, पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग की प्रतिभा नयाल, और समूह नृत्य प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग की टीम विजेता रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह बिष्ट ने राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी और सभी प्रतिभागियों को उत्साहित किया। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. मनोज कुमार पांडेय सहित विवि के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष और शिक्षक-छात्रगण भी मौजूद थे। इस सांस्कृतिक आयोजन ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने के साथ-साथ छात्रों के बीच एकता और सामूहिकता का संदेश भी दिया।

Follow us on WhatsApp Channel

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *