हल्द्वानी।रविवार को स्थित अरुणोदय धर्मशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद नैनीताल की जिला कार्यकारिणी का पुनर्गठन राज्य कार्यकारिणी द्वारा अनुमोदित सेफ गार्ड पॉलिसी के अनुरूप किया गया।
पुनर्गठित जिला कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से श्री बसंत गोस्वामी को अध्यक्ष एवं श्री कमलेश बचखेती को महासचिव चुना गया। श्री दीपक कांडपाल को उपाध्यक्ष, श्रीमती राधा मेहता को महिला उपाध्यक्ष, श्री हेम सिंह जलाल को कोषाध्यक्ष तथा श्री पारस साह को ऑडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई। सचिव पद पर गीता देव को चुना गया।
संगठन मंत्री (पुरुष) के रूप में डॉ. संजय जनोटी तथा संगठन मंत्री (महिला) के रूप में श्रीमती स्मिता तिवारी का चयन किया गया। प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी श्री प्रमोद भट्ट एवं श्री दीवान सिंह बिष्ट को दी गई। जिला यूनियन के संरक्षक डॉ. कृष्ण मुरारी गुप्ता एवं श्री मदन मेहरा रहेंगे।
प्रबंधकारिणी सदस्य के रूप में श्री दिनेश रावत, श्री जितेंद्र गुणवंत एवं डॉ. पी.सी. पांडेय को शामिल किया गया। कोर कमेटी में डॉ. संजय चौहान, श्री पंकज तिवारी, श्री सरयू नंदन जोशी, श्री प्रताप सिंह बिष्ट एवं श्री दिनेश मठपाल को स्थान दिया गया। वहीं शिकायत प्रकोष्ठ में श्रीमती पूनम कठायत, डॉ. रमेश चंद्र सिंह राना, श्रीमती मेघा गुरुरानी भट्ट, श्री सुरेन्द्र सिंह बिष्ट एवं श्री वीरेंद्र रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में बताया गया कि जनपद नैनीताल में लगभग 500 कर्मचारी संविदा एवं आउटसोर्स के माध्यम से तथा पूरे प्रदेश में करीब 6000 कर्मचारी विगत 15 से 20 वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों ने एक स्वर में अपने हितों की रक्षा का संकल्प लेते हुए राज्य सरकार से नियमितीकरण नियमावली में संशोधन कर मिशन कर्मियों के विनियमितीकरण/समायोजन का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की। साथ ही जनपद में वर्तमान आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त कार्मिकों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित किए जाने के संबंध में जिला स्वास्थ्य समिति को मांग पत्र प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।

