गौलापार: यहां मिलती है स्वरोजगार की मुफ्त ट्रेनिंग, रहना खाना फ्री, सरकारी प्रमाण पत्र भी
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नैनीताल। नैनीताल जिले के लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने बड़ी सौगात देते हुए तीन महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी विकासात्मक परियोजनाओं को अनुदान सहायता के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से जिले को ₹1.88 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि प्राप्त होगी। ये परियोजनाएं नाबार्ड की बड़ी श्रेणी की अनुदान योजनाओं में शामिल हैं, जिन्हें राज्य स्तर पर बहुत सीमित संख्या में स्वीकृति दी जाती है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में उत्तराखंड में स्वीकृत गिनी-चुनी बड़ी परियोजनाओं में से तीन परियोजनाएं नैनीताल जिले से संबंधित हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, नैनीताल मुकेश बेलवाल ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सतत आजीविका के अवसर सृजित करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा स्थानीय समुदायों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास, ग्रामीण पर्यटन और जल एवं मृदा संरक्षण जैसे क्षेत्रों में इन परियोजनाओं से जिले के समग्र ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
बुक्सा जनजाति के 200 परिवारों को मिलेगा लाभ
जनजातीय विकास निधि के अंतर्गत रामनगर विकासखंड में बुक्सा जनजाति के 200 परिवारों के लिए चार वर्षों की अवधि की समेकित विकास परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत ₹2.05 करोड़ से अधिक है, जिसमें से ₹1.55 करोड़ से अधिक की अनुदान सहायता नाबार्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। परियोजना के तहत बागवानी आधारित बाड़ी विकास, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, जल संरक्षण सुविधाएं, महिला-केंद्रित आजीविका गतिविधियां तथा तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण शामिल हैं। इससे जनजातीय परिवारों को दीर्घकालिक आय सुरक्षा मिलेगी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता विकसित होगी।
चोपड़ा गांव में ग्राम विहार परियोजना को मंजूरी
ग्राम्य विकास निधि के अंतर्गत ज्योलीकोट क्षेत्र के चोपड़ा गांव में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्राम विहार परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना की कुल लागत ₹22.92 लाख है, जिसमें से ₹20.67 लाख की अनुदान सहायता नाबार्ड द्वारा दी जाएगी। दो वर्षों में क्रियान्वित होने वाली इस परियोजना के तहत गांव के मौजूदा आवासों को पर्यटक आवास के रूप में विकसित किया जाएगा, तंबू आधारित आवास सुविधाएं तैयार होंगी तथा स्थानीय हस्तशिल्प, लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक भोजन को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अमजर जलागम परियोजना को क्षमता निर्माण चरण की स्वीकृति
जलागम विकास निधि के अंतर्गत ओखलकांडा विकासखंड में अमजर जलागम विकास परियोजना के क्षमता निर्माण चरण को एक वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृति दी गई है। इस चरण की कुल लागत ₹12.23 लाख है, जिसके सापेक्ष ₹11.70 लाख की अनुदान सहायता नाबार्ड द्वारा स्वीकृत की गई है। परियोजना के तहत गौल नदी की उपपाटी में स्थित अमजर जलागम क्षेत्र में 60 हेक्टेयर क्षेत्र को उपचार योग्य क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। यह परियोजना अमजर, सुवालकोट, सलकवार एवं सलकपार गांवों को आच्छादित करेगी।
नाबार्ड की इन परियोजनाओं से नैनीताल जिले में ग्रामीण विकास, आजीविका सृजन और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

