पैंटा बैलेंट टीका

ओखलकांडा में दो माह के बच्चे की मौत, एएनएम पर गलत टीका लगाने का आरोप

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल

भीमताल। बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं ओखलकांडा के क्षेत्रवासियों पर भारी पड़ रही हैं। ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुकना में बुखार से पीडि़त दो माह के बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने एएनएम पर गलत टीका लगाने का आरोप लगाया है। बच्चे के पिता चंचल सिंह धौनी ने बताया कि 20 जनवरी को चम्पावत के पाटी स्वास्थ्य केंद्र में उनकी पत्नी हीरा देवी ने नॉर्मल डिलीवरी से सौरभ व गौरव जुड़वा बेटों ने जन्म लिया। जन्म के समय गौरव का दो किलो 300 ग्राम व सौरभ का 2 किलो 200 ग्राम वजन था, जो स्वस्थ थे। 15 मार्च को एएनएम जानकी देवी गांव पहुंची और उनके द्वारा दोनों बच्चों को टीका लगाया गया। उसी दिन शाम से सौरभ व गौरव दोनों बच्चों को तेज बुखार आना शुरू हो गया। बताया कि 16 मार्च को बड़े बेटे गौरव को उल्टी भी हुई जिसके बाद से उसका बुखार कम होने लगा, जबकि सौरभ का बुखार कम नहीं हुआ और उसे सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। शुक्रवार की शाम से उसने दूध पीना भी छोड़ दिया। बताया कि शनिवार को करीब 10 बजे सौरभ ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने एएनएम पर गलत टीका लगाने व लापरवाही का आरोप लगाया है। इधर प्रधान मदन नौलिया ने बताया कि गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को अकाल मौत का शिकार होना पड़ रहा है। उन्होंने बच्चे की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
आधे घंटे तक रहती है रिएक्शन की संभावना
भीमताल। ओखलकांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डा.जगदीप सिंह ने बताया कि अस्पताल के अभिलेखों के अनुसार बच्चे को एएनएम जानकी जोशी द्वारा 10 मार्च को पैंटा-बैलेंट नामक टीका लगाया। टीका लगने के आधे घंटे तक रिएक्शन की संभावना रहती हैं। उसके बाद ऐसी कुछ भी संभावना नहीं रहती। उन्होंने टीका से बच्चे की मौत होने से इंकार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.