सफाई के बाद निखरी सरिताताल का नजारा

वाह अब बेहद खूबसूरत आने लगी सरिताताल, फोटो देखेंगे तो आप भी कहेंगे ‘‘क्या बात है’’

उत्तराखण्ड ताजा खबर नैनीताल

नैनीताल डीएम बंसल ने बदल दी सरिताताल की दुर्दशा
कुमाऊं जनसंदेेश डेस्क
नैनीताल। वाह! सरिताताल अब कितनी खूबसूरत और नैसर्गिंक सौंदर्य से भरपूर नजर आने लगी है। प्राकृतिक छटा और झील का साफ नीले पानी से भरपूर सौंदर्य समेटे झील के पास जो भी जा रहा है वह एकटक निहारे बिना नहीं रह पा रहा है। कई लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा कि यह वही झील में जिसमें एक माह पहले तक गंदगी और कूड़ा समाया था। मगर नैनीताल जिलाधिकारी सविन बंसल ने नैनीताल के समीप स्थित इस सरिताताल झील को संवार दिया है। उसका पुराना स्वरूप लौटाकर उसे और भी बेहद खूबसूरत और आकर्षक बनवा दिया है। अब तय है कि आसपास पर्यटन गतिविधियों में और भी इजाफा हो सकेगा। खास बात यह भी है कि क्षेत्र के लोग झील का भव्य और मनमोहक रूप देखकर बेहद खुश हैं और उन्होंने डीएम की इस पहल की सराहना की है। वहीं डीएम भी ंिसंचाई विभाग अफसरों के इस काम से खुश हैं।

सफाई के बाद निखरी सरिताताल का नजारा
सफाई के बाद निखरी सरिताताल का नजारा
डीएम सविन बंसल
डीएम सविन बंसल

पूरे मन से काम करना और समाधान कराना पहचान है डीएम बंसल की
काम करना अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। मगर कोई अधिकारी काम को पूरे मन के साथ ही उस काम की लगातार मानीटरिंग कर सार्थक परिणााम भी दे तो कुछ खास बात होती है। करीब तीन माह पहले जिले में आए जिलाधिकारी सविन बंसल भी कुछ इसी तरह से काम कर रहे हैं। वे शिकायत आने के बाद उसकेे समाधान होने तक उसका फालोअप स्वयं करते हैं, जिम्मेदारी भी लेते हैं। यही वजह है कि जिस सरिताताल की गंदगी से आसपास के लोग परेशान थे, वही सरिताताल अब बेहद खूबसूरत नजर आने से वे खुश हैं।
सरिताताल की दशा डीएम सविन बंसल ने बदल दी है। सरिताताल की अब रंगत निखर गयी है। बेहद खूबरत नजर आने लगी है सरिताताल। इस झील का पुराना प्राकृतिक और नैसर्गिक सौंदर्य लौट आने से आसपास के लोग बेहद खुश हैं। अब क्षेत्र में पर्यटन और बढ़ने की संभावना काफी बढ़ गयी है। सितंबर जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से आकर्षण का केंद्र सरिता ताल मैं सिंचाई विभाग द्वारा ताल की सफाई कराकर ताल का पुराना सौंदर्य रूप प्रदान किया है गौरतलब है कि बीते एक माह पूर्व जिलाधिकारी द्वारा सरिता ताल के आसपास के इलाकों में विकास कार्यों का निरीक्षण किया था।

गांववालों की शिकायत के बाद हुई थी पहल
गांववालों ने ताल में फैली बेहद गंदगी की ओर उनका ध्यान आकृष्ट किया और ताल की सफाई न होने की शिकायत की जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई हरिश्चंद्र भारती को 15 दिन के भीतर ताल की सफाई करने के आदेश दिए थे। सिंचाई विभाग ने लिखित में जिलाधिकारी को 15 दिन के भीतर सफाई करने का आश्वासन दिया था। निर्धारित अवधि के बाद पुनः जिला अधिकारी द्वारा ताल का निरीक्षण किया गया तो सिंचाई विभागद्वारा ताल की न तो सफाई की और न ही कोई सुंदरीकरण कार्य किया। इस बात पर नाराज जिलाधिकारी द्वारा सिंचाई महकमे को धारा 133 सीआरपीसी नोटिस जारी किया जिसके बाद सिंचाई महकमा हरकतमैं आया इसके चलते तीन मशीनें लगाकर सरिता ताल की सफाई की गई आज झील शीशे की तरह साफ और निर्मल दिखाई दे रही है। बंसल ने बताया कि गांववासियों ने जिस प्रकार की मांग की थी उससे कहीं बेहतर कार्यमहकमे द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि सुंदर झील की वजह से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा

 

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