सुनीता नेगी की चित्रकारी

पुलिस की नौकरी, पेंसिल से यारी, सुनीता ने अपनी अलग पहचान बना ली

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जागरूकता भरे संदेश भी देती है सुनीता नेगी की पेंसिल आर्ट
हल्द्वानी। एक दिन में सभी को 24 घंटे का बराबर ही समय मिलता है। अब यह इंसान के ऊपर है कि वह एक दिन में मिले समय को किस तरह व्यतीत करता है। कुछ लोग नौकरी के कुछ घंटे बिताकर ही संतुष्टि का भाव महसूस करते हैं तो कुछ लोग चुनौतीपूर्ण नौकरी की जिम्मेदारी निष्ठा से पूरी करने के बाद भी यह सोचते हैं कि अभी भी कुछ ऐसा किया जा सकता है जिससे अपना शौक तो पूरा हो ही सके, साथ ही समाज में भी कुछ जागरूकता का संदेश जा सके। ऐसा ही काम कर रही हैं पौड़ी गढ़वाल की सुनीता नेगी।

sunita negi
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पेंसिल आर्ट बनाने में करती हैं ड्यूटी के बाद मिले समय का सदुपयोग
हल्द्वानी। सुनीता नेगी वर्तमान में देहरादून में रहकर पुलिस मुख्यालय में महिला आरक्षी के पद पर तैनात हैं।  मगर इसे सुनीता नेगी का जुनून ही कहिए कि वे इस चुनौतीपूर्ण पेशे के बाद भी पेंसिल से चित्रकारी का समय निकाल लेती हैं। जिम्मेदारी से ड्यूटी पूरी करने के बाद जब वे घर जाती हैं तो पेंसिल आर्ट बनाने मेें जुट जाती हैं और फिर वे रात कितनी गहरा गई है इसकी चिंता नहीं करती। हां दूसरे दिन फिर समय से आफिस पहुंचकर ड्यूटी को जिम्मेदारी से पूरा करना अपनी जिम्मेदारी समझती हैं।

चित्रों में छुपा है महिलाओं का संघर्ष तो दिग्गजों को कैनवास में उतार देती हैं हुबहू
हल्द्वानी। सुनीता नेगी बताती हैं कि आर्ट बनाना उनका जुनून है। पुलिस की ड्यूटी से जब कभी समय मिलता है तो वे पेंसिल लेकर पेंटिंग बनाने में जुट जाती हैं।उनकी पेंसिल आर्ट, लोक संस्कृति, पहाड़ों में महिलाओं के संघर्ष, मंदिर पहाड़ से लेकर आम और खास लोगों से जुड़ी होती हैं। वे कई दिग्गज जनजप्रतिनिधियोें, आला अफसरों सहित धार्मिक और संस्कृति से जुड़े तमाम हुबहू चित्र कैनवास पर उतार चुकी हैं।
एक खास बात ये भी है कि वे अपनी पेंसिल आर्ट से चाहे वे यातायात जागरूता हो या सामाजिक जनचेतना और नियमों के पालन से जुड़ी अपील भी पेंसिल आर्ट में अपनी कला से समाहित कर लेती हैं।

आप भी देखिए सुनीता की बनाई कुछ पेंसिल आर्ट

 

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