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अब आर्किटैक्ट के बनाए नक्शे के आधार पर बना सकेंगे घर, विवाहित पुत्री भी परिवार की परिभाषा में शामिल

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कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले

कुमाऊं जनसंदेश डेस्क
देहरादून। घर बनाने के लिए लोगों को अब विकास प्राधिकरण के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग अब आर्किटैक्ट द्वारा तैयार नक्शे के आधार पर मकान बना सकंेेगे। बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि विकास प्राध्किरण द्वारा अधिकृत आर्किटैक्ट द्वारा 100 वर्ग मीटर तक के भूखंड के लिए तैयार नक्शे के अनुसार आवासीय भवन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यदि आर्किटैक्ट के स्तर से नियम विरूद्ध नक्शा बनाया जाता है तो जिम्मेदारी तय होगी। ऐसे में उसका इम्पैनलमेंट खत्म या ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

कैबिनेट और मंत्री परिषद की बैठकों को पेपरलेस बनाने का निर्णय
मंत्राी मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट, मंत्रीपरिषद की बैठकों को पेपरलैस करने के लिए ई-गोपन, ई-मंत्रिमंडल के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नियोजन विभाग के समीक्षा तंत्रा को भी ई-गवर्नेंस से जोड़ा जाएगा। आबकारी विभाग के अन्तर्गत एथेनाॅल को प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त किया गया है। भारत सरकार की नीति के अनुसार एथेनाॅल को पहले ही कर मुक्त किया जा चुका है। कैबिनेट ने शीरा नीति 2015-16 में कुछ परिवर्तन करते हुए खुले बाजार में 75 प्रतिशत बेचने की छूट दी है। पूर्व में यह 70 प्रतिशत थी। इसके अलावा औद्योगिक इकाईयों को अब 10 के बजाय मात्रा 5 प्रतिशत शीरा बेचा जा सकेगा। शराब निर्माण के लिए पूर्व की भांति 20 प्रतिशत शीरा मिलेगा। मंडी समितियों द्वारा विपणन बोर्ड को दिए जाने वाले अंशदान की नई दरें व्यवसाय की सीमा के अनुसार तय की गई हैं।

सिंचाई विभाग की 4.28 हेक्टेअर भूमि स्थानांतरण पर मुहर
मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मुख्य सचिव स्तर की बैठक में बनी सहमति के अनुसार सिंचाई विभाग की लगभग 4.28 हेक्टेअर भूमि स्थानांतरण पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। उत्तर प्रदेश भी इस संबंध में निर्णय लेगा। तब भूमि उत्तराखंड को हस्तांतरित होगी।
जिम कार्बेट पार्क में स्पेशल टाइगर रिजर्व फोर्स के 85 पदों के ढांचे को भी मंजूरी दी गई। इसमें एक एसीएपफ, 3 रेंजर तथा 81 गार्ड के पद होंगे। पहले ढांचे में 112 पद थे।

मुख्यमंत्री आवास एवं सचिवालय की किचन के लिए 24 पदों को भी मंजूरी
मुख्यमंत्री आवास एवं सचिवालय की किचन के लिए 24 पदों को भी मंजूरी मिल गई है। इनमें आवास के लिए 17 तथा सचिवालय के लिए 7 पद हैं। निगमों स्वायत्त शिक्षण संस्थानों में सीध्ी भर्ती में आरक्षण के रोस्टर संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मानकों के अनुसार प्रोपफेसर पद की अर्हता संबंध्ी नियमावली को भी स्वीकार कर लिया गया है।
कारखाना अधिनियम-1948 में संशोधन के साथ इंस्पेक्टर राज खत्म करने का भी निर्णय लिया गया है। अब 20 या उससे अधिक कामगारों की संख्या पर अधिनियम लागू होगा और निरीक्षक के बजाय निरीक्षण का अधिकार श्रम आयुक्त को होगा। पहले यह संख्या 10 थी।

अब विवाहिता पुत्री भी परिवार की परिभाषा में शामिल
अस्पतालों में राज्य के नागरिकों, बीपीएल तथा बाहरी राज्यों के रोगियों के लिए शुल्क निर्धारण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बाहरी राज्य के मरीजों को अपेक्षाकृत अधिक शुल्क देना होगा।
राज्य योजना के अन्तर्गत निर्माण कार्य में पर्यवेक्षण शुल्क 12.5 से घटाकर 2.5 प्रतिशत किया गया है। मृतक आश्रितों के संबंध में परिवार की परिभाषा में संशोधन करते हुए पुत्री को पूरी तरह शामिल कर लिया गया है। पहले परिभाषा में केवल अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री सम्मलित था। अब विवाहिता पुत्री भी परिवार की परिभाषा में शामिल हो जाएगी।

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