सम्मान कार्यक्रम के दौरान किसान मेहरा, कुलपति व विधायक शुक्ला

किसान और विज्ञान के मेल से आएगी नई कृषि क्रांति: मेहरा

उत्तराखण्ड ऊधमसिंह नगर ताजा खबर देश/विदेश नैनीताल

पंत विवि में आयोजित चार दिवसीय किसान मेले का समापन
पंतनगर। पंत विवि में आयोजित चार दिवसीय किसान मेले के समापन अवसर के मुख्य अतिथि और गौलापार के रहने वाले प्रगतिशील किसान नरेंद्र सिंह मेहरा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के विवि में आयोजित किसान मेला का मंच किसान को देना किसान का गौरव बढ़ाना है। कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा शुरू की गयी नयी परिपाटी के तहत किसान मेला का मंच किसानों को देकर यह मेला पूरा किसानों के लिए कर दिया गया है। मेहरा ने कहा कि किसान एवं विज्ञान का यह मेल कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

युवाओं से कृषक क्रांति का सूत्रधार बनने का आह्वान
पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में चार दिवसीय किसान मेले का सोमवार को समापन हो गया। समारोह में मुख्य अतिथि नैनीताल जनपद के प्रगतिशील कृषक नरेन्द्र सिंह मेहरा ने देश के युवाओं का आह्वान किया कि वे कृषक क्रांति के सूत्रधार बनें। साथ ही उन्होंने विश्वविद्वालय के इस प्रयास की सराहना की कि किसान मेले का मंच किसानों को दिया गया। इस अवसर पर कुलपति डा. तेज प्रताप, निदेशक प्रसार शिक्षा डा. पीएन सिंह, निदेशक शोध डा. एसएन तिवारी व प्रबन्ध परिषर सदस्य व विधायक राजेश शुक्ला भी मौजूद रहे।
गांधी हाॅल में आयोजित समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि नरेन्द्र सिंह मेहरा ने कहा कि यह उत्तराखण्ड का सौभाग्य है कि देश का प्रथम एवं अग्रणी विश्वविद्यालय इस प्रदेश में स्थित है। मेहरा ने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने उच्च गुणवत्तायुक्त बीजों का विकास कर विश्वविद्यालय को विश्व स्तर पर ख्याति दिलायी है तथा यहां के बीज पंतनगर के नाम से बिकते हैं।

समापन मेले को सम्बोधित करते नरेंद्र मेहरा
समापन मेले को सम्बोधित करते नरेंद्र मेहरा

मेले में बदलाव के लिए किसान दें सुझाव: कुलपति
पंतनगर। विवि के कुलपति डा. तेज प्रताप ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि किसानों और वैज्ञानिकों के बीच का संवाद इस चार-दिवसीय मेले में अत्यंत सफल रहा है। उन्होंने किसानों से इस संवाद को और अधिक अर्थपूर्ण बनाने तथा चार दिनों के मेले में बदलाव लाने के लिए सुझाव देने के लिए कहा। कुलपति ने कहा कि विश्व में इस नये दौर में वर्ष 2020 से 2030 के बीच में कृषि में बड़े बदलाव आने वाले है, जिन्हें अपनाकर किसान खेती से बड़ा लाभ प्राप्त कर सकते हैं। कुलपति ने कहा कि नीति निर्माताओं द्वारा अब कृषि में मानवता का समावेश करते हुए कृषि के स्थान पर किसान की बात की जाने लगी है। उन्होंने वैज्ञानिकों से 10 से 15 साल आगे की सोच तथा किसान व क्षेत्र को ध्यान में रखकर आगे की योजना बनाने की बात भी कही।

दो पूर्व निदेशक सम्मानित
पंतनगर। कार्यक्रम में पूर्व में चार-दिवसीय 106वें किसान मेले का संक्षिप्त विवरण निदेशक प्रसार शिक्षा डा. पीएन सिंह ने दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न शोध केन्द्रों द्वारा लगभग 88 लाख रूपये के बीजों की बिक्री के साथ ही मेले में लगभग 2 करोड़ रूपये के बीजों की बिक्री हुई। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद प्रस्ताव निदेशक शोध डा. एसएन तिवारी ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान दो पूर्व निदेशक प्रसार शिक्षा डा. एसपी गुप्ता व केआर कनौजिया को भी कुलपति द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन पिथौरागढ़ केवीके की वैज्ञानिक डा. निर्मला भट्ट ने किया।

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