IMG 20251115 WA0004 प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सुस्त रफ्तार पर डीएम रयाल नाराज, अफसरों को फटकारा

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सुस्त रफ्तार पर डीएम रयाल नाराज, अफसरों को फटकारा

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ज़िलाधिकारी ने भीमताल में विकास कार्यों की समीक्षा की, बीस सूत्री कार्यक्रम में प्रगति तेज करने के दिए सख्त निर्देश(

भीमताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार भीमताल में जिले में चल रहे विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित एवं बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त धनराशि से हो रहे कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का विभागवार परीक्षण किया गया।

बीस सूत्री कार्यक्रम में 5 मदों के डी श्रेणी में होने पर नाखुशी

जिलाधिकारी ने बीस सूत्री कार्यक्रम के 42 मदों में प्रगति की समीक्षा की, जिसमें 22 मद A श्रेणी, 10 B श्रेणी, 5 C श्रेणी और 5 D श्रेणी में हैं। उन्होंने कहा कि B, C और D श्रेणी के विभाग तुरंत ठोस कदम उठाकर A श्रेणी में आएं।

डी श्रेणी के मदों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित विभागों को साफ निर्देश दिया कि किसी भी दशा में ए श्रेणी हासिल की जाए।

ग्रामीण कनेक्टिविटी—PMGYS में धीमी गति पर सख्त चेतावनी

20 सूत्री कार्यक्रम में ग्रामीण कनेक्टिविटी के डी श्रेणी में होने पर जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGYS) की धीमी प्रगति पर गंभीर नाराजगी जताई। उन्होंने तीनों खंडों के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए दिसंबर माह तक ए श्रेणी प्राप्त करने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि पीएमजीएसवाई “ग्रामीण क्षेत्रों की गेम चेंजर योजना” है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने धीमी प्रगति वाले अधिकारियों के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण सहित किसी भी कार्य में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं होगा। सभी विभाग समयबद्धता, पारदर्शिता और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें।

सूची प्रकाशन में देरी होने पर भी विभागों को चेतावनी देते हुए अगली समीक्षा बैठक में सूची प्रकाशन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

धनराशि दिसंबर तक पूर्ण व्यय करने के निर्देश

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिला योजना अंतर्गत प्राप्त धनराशि दिसंबर तक पूर्ण व्यय कर ली जाए।

मार्च में धनराशि खर्च करने की “पुरानी परंपरा” को समाप्त करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और अधिकारी स्वयं स्थल निरीक्षण करें। एससीपी एवं टीएसपी के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

धीमी प्रगति वाले विभागों को फटकार

लोक निर्माण, सिंचाई, समाज कल्याण, नलकूप, लघु सिंचाई, माध्यमिक शिक्षा, खेल विभाग व उरेडा की धीमी प्रगति पर भी उन्होंने असंतोष जताया तथा नवंबर के अंतिम सप्ताह तक शत-प्रतिशत धनराशि व्यय करने के निर्देश दिए।

धनराशि व्यय की स्थिति जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी ने अवगत कराया कि जिला योजना (7020.50 लाख) के तहत अब तक 55% (3871.04 लाख) व्यय, राज्य योजना में 64% व्यय, केंद्र पोषित में 93% व्यय, बाह्य सहायतित में 100% व्यय हो चुका है।

बैठक में एपीडी चंदा फर्त्याल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी, मुख्य कोषाधिकारी कमलेश भंडारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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