www.kumaonjansandesh.com

डिजिटल प्लेटफार्म को बुजुर्गो ने बनाया सहारा, कर रहे पैसों और शोहरत की कमाई

उत्तराखण्ड जीवन मंत्र ताजा खबर देश/विदेश समाज

डिजिटल प्लेटफार्म को बुजुर्गो ने बनाया सहारा, कर रहे पैसों और शोहरत की कमाई
कुमाऊं जनसंदेश डेस्क। वृद्धावस्था आते ही अकेलेपन के चलते जीवन नीरस लगने लगता है। अगर अपनों से उपेक्षा हो रही हो तो जिंदगानी बड़ी जटिल हो जाती है। अधिकतर बुजुर्ग इस समस्या से दो-चार होते रहते हैं। मगर कई बुजुर्ग अब नए जमाने के साथ कदमताल करने लगे हैं। उन्होेंने डिजिटल प्लेटफार्म को न केवल समय व्यतीत करने का जरिया बनाया है बल्कि वे इससे पैसे और शोहरत दोनों की कमाई कर रहे हैं। इससं उनका समाज में दायरा और भी व्यापक होता जा रहा है और जीवन खुशी-खुशी कट रहा है।

यू-ट्यूब चैनल और वेबसाइड से कर रहे कमाई
दरअसल डिजिटल दौर में कुछ बुजुर्गो ने अपने अनुभव के आधार पर खानपान पर आधारित यू-ट्यूब चैनल और वेबसाइड बनाई हुई हैं। ये पुराने और पारम्परिक जायकों को यूट्यूब-फेसबुक और खुद की वेबसाइट पर पोस्ट कर रहे हैं। इनके वीडियो मिलियन्स में देखे और शेयर किए जा रहे हैं। इससे इनका अच्छा समय तो व्यतीत हो ही रहा है। साथ ही नाम के साथ ही कमाई भी अच्छी हो रही है। इससे ये अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का जरिया बन रहे हैं।
दैनिक भाष्कर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, 65 साल के नंदलाल सोनी और रामरखी मिलकर यूट्यूब पर ‘पापा मम्मी किचन’ नाम से चैनल चला रहे हैं। इनके चार चैनल हैं और कुल सब्सक्राइबर 11 लाख 6 हजार हैं। रामरखी राजस्थानी, स्पेशल डिश और कई राज्यों के परंपरागत जायकों को वीडियो की मदद से लोगों तक पहुंचा रही हैं। नंदलाल सोनी पेशे से रोबोटिक एक्सपर्ट रहे हैं। रामरखी ने पॉलिटिकल साइंस से मास्टर किया है और चैनल के मुताबिक, वह अपनी कम्युनिटी की पहली महिला हैं जिन्होंने शिक्षा हासिल की है। नंदलाल को मिठाई बनाना पसंद है तो रामरखी को कुकिंग को कला मानती हैं। चैनल पर भी रामरखी को मम्मी और नंदलाल को पापा बताया गया है।

लाखों लोग हैं चैनल के दर्शक
अरुमुगम तमिलनाडु से हैं और उम्र 75 साल है। इनके यूट्यूब चैनल ‘विलेज फूड फैक्टरी’ पर 32 लाख 18 हजार से अधिक सब्सक्राइबर हैं। चैनल की शुरुआत 2015 में हुई थी। अरुमुगम अपने वीडियोज में वेज और नॉनवेज दोनों की रेसिपी यूजर्स को बता रहे हैं। खाना बनाने की खास शैली लोगों को इतनी पसंद आई कि महज 4 साल में चैनल पर मौजूद वीडियोज के व्यूज का आंकड़ा 58 करोड़ पहुंच गया है।
17 लाख सब्सक्राइबर वाले चैनल ‘वेज विलेज फूड’ को 80 साल की ग्रैनी चला रही हैं। डिजिटल से लेकर निजी जिंदगी तक में लोग उन्हें ग्रैनी ही कहते हैं। वह परंपरागत शाकाहारी डिशेज को अलग-अलग तरीके से बनाना बताती हैं। इसे चलाने में उनकी पोती मदद कर रही है।
इस तरह देखा जाए तो सोशल मीडिया हर वर्ग के लोगों को अच्छा समय व्यतीत करने के साथ ही कमाई का भी अवसर प्रदान कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.