भीमताल। भीमताल विधानसभा सहित पूरे उत्तराखंड, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में लंबे समय से बाघ के आतंक ने भयावह रूप ले लिया है। लगातार हो रहे बाघ हमलों में ग्रामीणों की जान जा रही है, जिससे प्रदेश में एक भीषण आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। कांग्रेस का आरोप है कि उत्तराखंड सरकार और वन विभाग इस पूरे मामले पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं।
इसी गंभीर स्थिति को लेकर आज कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने जिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में उन्होंने उत्तराखंड में बाघ के बढ़ते आतंक पर महामहिम राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मनोज शर्मा ने पत्र में कहा कि राज्य सरकार इस प्रकरण में पूरी तरह फेल हो चुकी है। प्रदेश के ग्रामीण भय और दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। लगातार लोग बाघ का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार और वन विभाग की ओर से कहीं भी गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। वन विभाग पर से जनता का विश्वास उठ चुका है।
उन्होंने मांग की कि जब तक बाघ के आतंक से लोगों को पूरी तरह निजात नहीं मिल जाती, तब तक प्रदेश के जंगलों को आर्मी के हवाले किया जाए। मनोज शर्मा ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की रक्षा और सुरक्षा के लिए अब राष्ट्रपति का हस्तक्षेप नितांत आवश्यक हो चुका है।

