पाथफाइंडर बोर्डिंग स्कूल में ‘टैलेंट हंट’ का भव्य आयोजन, बच्चों ने बिखेरा प्रतिभा का रंग
चकलुवा/नैनीताल। कालाढूंगी तहसील अंतर्गत चौधरी फार्म, विदरामपुर स्थित पाथफाइंडर बोर्डिंग स्कूल में आयोजित ‘टैलेंट हंट’ (प्रतिभा खोज प्रतियोगिता) ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने का अवसर दिया। कार्यक्रम में 14 वर्ष तक के बच्चों ने नृत्य, संगीत, रंगमंच, सुलेख समेत विभिन्न विधाओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) राकेश चन्द्र रयाल, निदेशक, पत्रकारिता एवं मीडिया अध्ययन विभाग, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी ने विद्यालय के निदेशक डॉ. दीपक मनचंदा एवं प्रधानाचार्या श्रीमती निशि मनचंदा की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में प्रो. रयाल ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए, क्योंकि ऐसे मंच उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता को कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग में विभाजित कर आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया। कार्यक्रम की शुरुआत कथक नृत्यांगना अलिशा शर्मा के मनमोहक नृत्य प्रदर्शन से हुई, जिसने पूरे सभागार का माहौल उत्साह और उल्लास से भर दिया।प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों की भरपूर सराहना बटोरी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, आकर्षक उपहार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों की छिपी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के शिक्षकों, स्टाफ और स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही।
‘टैलेंट हंट’ का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच बना, बल्कि उनके आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायी अवसर भी साबित हुआ।

